इंस्टाग्राम की शुरुआत जिस मक़सद से हुई थी वो कमोबेश अब खत्म हो चुका है. शुरुआत में इंस्टा एक ऐसा प्लेटफॉर्म हुआ करता था जहां लोग ज़्यादातर फ़ोटोज़ के ज़रिए एक्सप्रेस करते थे. जमाना बदला और इंस्टा भी. टिक टॉक ने शॉर्ट वीडियो का क्रेज़ शुरु किया और इंस्टा ने स्नैपचैट और टिकटॉक के फीचर्स से इंस्पायर होता गया. धीरे धीरे फ़ोटोज़ गुम होते गए और अब हालत ये है कि इंस्टाग्राम पर ज़्यादातर शॉर्ट वीडियोज हैं. लोगों की स्क्रीन टाइम बढ़ती ही जा रही है. एक पुराने कैमरे से शुरू हुआ Instagram आज दुनिया के सबसे पहचान वाले सोशल मीडिया ब्रांड्स में है.
इस सफर में इसका लोगो भी कई बार बदला. कभी असली कैमरे जैसा दिखने वाला लोगो था, फिर रेट्रो कैमरा आया, 2016 में पूरा डिजाइन उलट गया और अब 2026 में इंस्टाग्राम ने करीब 10 साल बाद अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को बदल दिया है. आखिर हर बार इंस्टाग्राम ने अपना लोगो क्यों बदला और इन बदलावों के पीछे क्या सोच थी?
अगर आज किसी को बिना नाम लिखे सिर्फ इंस्टाग्राम का ऐप आइकॉन दिखा दिया जाए, तो शायद उसे पहचानने में एक सेकंड भी नहीं लगेगा. यही किसी भी बड़े ब्रांड की सबसे बड़ी ताकत होती है. लेकिन इस पहचान तक पहुंचने में इंस्टाग्राम का लोगो एक लंबा सफर तय कर चुका है. दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम का लोगो शुरू से ऐसा बिल्कुल नहीं था जैसा आज हम देखते हैं.
2010: शुरुआत एक असली कैमरे से हुई थी
इंस्टाग्राम अक्टूबर 2010 में लॉन्च हुआ था. उस समय इसका लोगो आज के साफ-सुथरे ऐप आइकॉन से बिल्कुल अलग था. यह एक पुराने इंस्टैंट कैमरे जैसा दिखता था, जिसमें कैमरे की बॉडी, लेंस, फ्लैश और बाकी छोटे-छोटे हिस्से तक दिखाई देते थे.
इस पहले लोगो को Instagram Co-founder Kevin Systrom ने बनाया था. डिजाइन में कैमरे को काफी असली दिखाने की कोशिश की गई थी. यह उस समय के ऐप डिजाइन के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा था, जिसे स्क्यूओमॉर्फिज्म कहा जाता था. आसान भाषा में समझें तो डिजिटल चीजों को असली दुनिया की चीज जैसा दिखाना.
लेकिन इस लोगो की एक दिक्कत भी थी. यह एक असली कैमरे से काफी मिलता-जुलता था. बताया जाता है कि इसी वजह से इंस्टाग्राम को आगे चलकर दूसरे डिजाइन की तरफ जाना पड़ा.
2010: रेट्रो कैमरा जैसा लोगो
इंस्टाग्राम ने जल्द ही डिजाइनर और फोटोग्राफर Cole Rise की मदद ली. राइज ने 1950 के दशक के Bell & Howell कैमरे से प्रेरणा लेकर एक नया आइकन तैयार किया. बेल एंड होवेल अमेरिका की एक पुरानी कैमरा कंपनी थी, जो 20वीं सदी में फिल्म और कैमरा इक्विपमेंट्स के लिए जानी जाती थी.
यह डिजाइन पहले वाले कैमरे से काफी आसान था, लेकिन इसमें पुराना कैमरा वाला एहसास बरकरार रखा गया. कैमरे का बड़ा लेंस, ऊपर व्यूफाइंडर और बीच में रंगीन रेनबो स्ट्राइप इसकी पहचान बन गए.
यहां एक बेहद दिलचस्प बात है. इंस्टाग्राम उस समय मोस्टली फोटो शेयर करने वाला ऐप था और उसके सबसे खास फीचर्स में फोटो फिल्टर शामिल थे. यानी लोग अपनी नई तस्वीरों को पुराने कैमरे और फिल्म जैसी फील देने के लिए इंस्टाग्राम इस्तेमाल कर रहे थे. इसलिए रेट्रो कैमरे वाला लोगो सिर्फ अच्छा दिखने वाला डिजाइन नहीं था. वह इंस्टाग्राम के उस समय के प्रोडक्ट से सीधे जुड़ा हुआ था.
2011: वही कैमरा, लेकिन ज्यादा रियल
2011 में Instagram ने इस कैमरा आइकॉन को फिर से थोड़ा बदला. इस बार कैमरे में ज्यादा डिटेल जोड़ी गई. लेंस में चमक और गहराई बढ़ाई गई, ऊपर वाले हिस्से में लेदर जैसी टेक्सचर दिखाई देने लगी और रेनबो स्ट्राइप को भी ज्यादा साफ किया गया. यानी कैमरा अब पहले से ज्यादा असली लगने लगा था.
यह लोगो 2016 तक इंस्टाग्राम की पहचान बना रहा. उस दौरान इंस्टाग्राम भी तेजी से बड़ा हो रहा था. इसलिए लाखों लोगों के लिए यह रेट्रो कैमरा सिर्फ एक ऐप आइकॉन नहीं रहा. वह इंस्टाग्राम की पहचान बन गया. और फिर 2016 में कंपनी ने फिर से लोगो बदला.
2016: लोगो में हुआ सबसे बड़ा बदलाव
मई 2016 में इंस्टाग्राम ने अपना पुराना कैमरा आइॉन हटा दिया और उसकी जगह एक बेहद सिंपल कैमरा आइकॉन पेश किया. पीछे पर्पल, पिंक, ऑरेंज और यलो कलर का ग्रेडिएंट था और सामने सिर्फ व्हाइट लाइन से कैमरे का आकार बनाया गया था. आज यह डिजाइन इतना जाना-पहचाना है कि शायद नई पीढ़ी के लिए यही इंस्टाग्राम है. लेकिन 2016 में इसे लेकर लोगों के रिएक्शन काफी अलग थे.
कई लोगों को पुराना ब्राउन कैमरा पसंद था. नए लोगो को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक बना और कई यूजर्स ने इसे इंस्टाग्राम की पहचान खत्म करने वाला बदलाव तक कहा. उस समय मीडिया में भी इस बदलाव को लेकर काफी चर्चा हुई थी. लेकिन इंस्टाग्राम ने यह बदलाव अचानक नहीं किया था.
कंपनी के तत्कालीन हेड ऑफ डिजाइन Ian Spalter और उनकी टीम ने इस पर लंबे समय तक काम किया था. टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि इंस्टाग्राम की पुरानी पहचान को बचाते हुए उसे फ्यूचर के लिए कैसे बदला जाए.
इसके लिए इंस्टाग्राम ने अपने कर्मचारियों से एक दिलचस्प काम करवाया. उनसे कहा गया कि वे पांच सेकंड में याद से इंस्टाग्राम का आइकॉ बनाएं. ज्यादातर लोगों ने तीन चीजें बनाईं, रेनबो, लेंस और व्यूफाइंडर.
इंस्टाग्राम की डिजाइन टीम ने इन्हीं तीन चीजों को नए डिजाइन की नींव बनाया. पुराने कैमरे की पूरी तस्वीर हट गई, लेकिन कैमरे का आइडिया, लेंस और रेनबो नए डिजाइन में रह गए. यानी इंस्टाग्राम ने अपनी पहचान को मिटाया नहीं. उसने उसे छोटा करके एक सिंपल निशान में बदल दिया.
यह बदलाव सिर्फ लोगो का नहीं था. 2016 में इंस्टाग्राम ने सिर्फ ऐप आइकन नहीं बदला था. पूरे ऐप का लुक भी बदल दिया गया. अंदर का इंटरफेस ज्यादा साफ और ब्लैक-एंड-व्हाइट हो गया ताकि यूजर का ध्यान तस्वीरों और वीडियो पर रहे.
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इंस्टाग्राम ने उस समय कहा था कि पिछले पांच साल में ऐप सिर्फ फोटो फिल्टर करने और शेयर करने की जगह नहीं रहा. लोग वीडियो शेयर कर रहे थे, नए टूल इस्तेमाल कर रहे थे और एक्सप्लोर के जरिए नए लोगों और कंटेंट से जुड़ रहे थे. इसलिए ब्रांड का लुक भी बदलती कम्युनिटी के साथ बदलना जरूरी था. यही वह दौर था जब इंस्टाग्राम ने अपने रेट्रो कैमरे को पीछे छोड़कर डिजिटल दुनिया के हिसाब से खुद को दोबारा डिजाइन किया.
2022: इंस्टाग्राम ने कलर्स फिर से बदले, लेकिन पहचान नहीं
2022 में इंस्टाग्राम ने अपनी विजुअल पहचान को एक बार फिर अपडेट किया. इस बार बदलाव 2016 जितना बड़ा नहीं था. कंपनी ने अपने मशहूर ग्रेडिएंट को ज्यादा ब्राइट और लाइवली बनाया. साथ ही Instagram Sans नाम का नया फॉन्ट सिस्टम भी पेश किया गया और पूरी विजुअल पहचान को ज्यादा मॉडर्न बनाने की कोशिश की गई. यानी 2022 में इंस्टाग्राम ने यह नहीं कहा कि पुराना डिजाइन गलत था. उसने उसी पहचान को थोड़ा और मॉडर्न बनाने की कोशिश की.
2026: 10 साल बाद बदला इंस्टाग्राम का वर्डमार्क
13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम ने अपने लिखे हुए नाम यानी वर्डमार्क को करीब 10 साल बाद अपडेट किया है. यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इंस्टाग्राम का मशहूर कैमरा ऐप आइकॉन नहीं बदला है. इस बार बदलाव लिखे हुए इंस्टाग्राम नाम में है. नया वर्डमार्क पुराने कर्सिव स्टाइल और प्रिंट अक्षरों के बीच का डिजाइन है. Instagram CEO Adam Mosseri के मुताबिक ऐप के ऊपर दिखने वाला वर्डमार्क 10 साल से नहीं बदला था, इसलिए इसे रिफ्रेश करने का समय आ गया था. कंपनी का फोकस इसे ज्यादा साफ और मॉडर्न बनाने पर है, जबकि पुराने इंस्टाग्राम की झलक भी इसमें रखी गई है. लेकिन इंटरनेट ने नए डिजाइन को तुरंत ऐक्सेप्ट नहीं किया. कुछ यूजर्स को यह नया डिजाइन पसंद आया, लेकिन कई लोगों का कहना है कि कुछ अक्षर साफ नहीं दिखते. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मजाक में इसे Instagram की जगह Instagzam तक पढ़ दिया. रेडिट पर भी नए वर्डमार्क को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.
मुन्ज़िर अहमद