अगर आपके नाम पर कोई SIM कार्ड है और वह किसी दूसरे के हाथ में है, तो अब इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. दूरसंचार विभाग यानी DoT ने मोबाइल यूजर्स को SIM के गलत इस्तेमाल, फर्जी तरीके से SIM जारी कराने और IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर सख्त चेतावनी दी है. ऐसे मामलों में 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.
DoT की यह चेतावनी 22 सितंबर 2026 को सामने आई है. विभाग ने लोगों से कहा है कि वे समय-समय पर यह जरूर चेक करें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं. इसके लिए सरकार का संचार साथी (Sanchar Saathi) प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जा सकता है.
असली खतरा सिर्फ फर्जी SIM का नहीं है
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि SIM कार्ड उनके नाम पर है तो उसका इस्तेमाल भी वही कर रहे होंगे. लेकिन कई मामलों में किसी व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उसके नाम पर दूसरा SIM जारी कराया जा सकता है. DoT ने हाल ही में ऐसे ही एक मामले का जिक्र किया है.
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DoT के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में एक Point of Sale यानी PoS एजेंट ने लोगों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी और सहमति के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए. मामला सामने आने के बाद उस PoS एजेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया. इन 25 नंबरों की जांच की गई और संदिग्ध नंबरों को दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया. जिन नंबरों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ, उन्हें बंद कर दिया गया.
यही वजह है कि DoT अब लोगों को सिर्फ SIM इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दे रहा, बल्कि यह भी कह रहा है कि अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी रखें.
अपना SIM किसी और को न दें
अगर आपके नाम पर कोई SIM है और आप उसे किसी दोस्त, रिश्तेदार या किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे देते हैं, तो मामला सिर्फ "SIM शेयर करने" तक सीमित नहीं रह सकता.
DoT ने साफ कहा है कि लोगों को अपने नाम पर जारी SIM को देना, ट्रांसफर करना, बेचना, किराए पर देना या साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल होने देना नहीं चाहिए.
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इसका मतलब यह है कि अगर आपके नाम पर लिया गया SIM किसी दूसरे व्यक्ति के पास है, तो उसे अपने नाम से हटवाना या कनेक्शन बंद करवाना ज्यादा सुरक्षित है. खासकर तब जब आपको पता नहीं है कि उस नंबर का इस्तेमाल किस काम के लिए हो रहा है.
IMEI से छेड़छाड़ भी बड़ी परेशानी बन सकती है
DoT की चेतावनी सिर्फ SIM तक सीमित नहीं है. विभाग ने मोबाइल के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ को लेकर भी चेतावनी दी है. IMEI मोबाइल की पहचान से जुड़ा एक यूनिक नंबर होता है. DoT ने लोगों को ऐसे डिवाइस इस्तेमाल करने से बचने को कहा है जिनका IMEI बदला गया हो. विभाग ने कॉन्फिगरेबल SIM बॉक्स और ऐसे दूसरे उपकरणों को लेकर भी चेतावनी दी है जिनसे टेलीकॉम पहचान संख्या में बदलाव किया जा सकता है.
इसके अलावा ऐसे ऐप, वेबसाइट या दूसरे टूल इस्तेमाल करने से भी बचने को कहा गया है जो कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी यानी CLI या दूसरे टेलीकॉम पहचान नंबर में बदलाव करते हैं.
आपके नाम पर कितने SIM हैं, ऐसे पता करें
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी काम है अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जांच करना. सरकार का संचार साथी प्लेटफॉर्म इसके लिए सुविधा देता है. यहां यूजर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन देख सकता है और किसी ऐसे नंबर की जानकारी दे सकता है जिसे वह पहचानता नहीं है या जिसकी अब जरूरत नहीं है.
संचार साथी पर मोबाइल हैंडसेट का IMEI भी चेक किया जा सकता है. इससे फोन की वास्तविकता से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है. DoT की चेतावनी का मतलब यह नहीं है कि सामान्य तरीके से अपना SIM इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति पर कार्रवाई होने वाली है. निशाना उन मामलों पर है जहां SIM फर्जी तरीके से लिया गया हो, किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बिना जानकारी के जारी किया गया हो, SIM को गलत काम के लिए दिया गया हो या टेलीकॉम पहचान नंबर और IMEI के साथ छेड़छाड़ की गई हो.
सबसे अहम बात यह है कि 50 लाख रुपये तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल हर छोटी गलती के लिए तय सजा नहीं है. DoT ने संबंधित अपराधों के लिए दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत अधिकतम दंड की चेतावनी दी है. इसलिए इसे SIM रखने पर 50 लाख रुपये का जुर्माना समझना गलत होगा.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क