डोपिंग केसः रेसलर नरसिंह यादव को बड़ी राहत, NADA ने माना बेकसूर

डोपिंग केस में रेसलर नरसिंह यादव को बड़ी राहत मिली है. कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण सिंह ने सोमवार को कहा कि कुश्ती के 74 किलोग्राम भार वर्ग के खिलाड़ी नरसिंह को नेशनल एंटी ड्रग अथॉरिटी यानी नाडा ने बेकसूर माना है.

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नरसिंह यादव नरसिंह यादव

केशव कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने पहलवान नरसिंह यादव को सोमवार को डोपिंग आरोपों से बरी कर दिया. इससे उनका रियो ओलंपिक जाने का रास्ता साफ हो गया. नाडा ने कहा कि यह पहलवान साजिश का शिकार हुआ.

नरसिंह के 25 जून को प्रतिबंधित एनाबोलिक स्टेराइड मिथानाडाईनोन का पॉजीटिव पाए जाने से शुरू हुए पिछले एक हफ्ते से चले आ रहे इस नाटक के बाद नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने उसके भाग्य पर संदेह खत्म करते हुए उसे बरी करने का बयान पढ़ा.

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जान बूझकर नहीं लिया था स्टेरॉयड
अग्रवाल ने इस फैसले को पढ़ते हुए कहा, ‘हमने बीते समय के (दो जून तक) के नमूने को ध्यान में रखा, जिसमें उसका कोई भी नहीं पाया गया था. यह बात समझ से बाहर थी कि एक बार यह प्रतिबंधित पदार्थ लेने से क्या फायदा होगा. इसलिए पैनल का मानना था कि एक बार लिया गया पदार्थ ‘जान बूझकर’ नहीं लिया गया था.’

नाडा के नियम 10.4 का मिला फायदा
उन्होंने साथ ही कहा, ‘पैनल ने माना कि यह एथलीट नाडा की डोपिंग रोधी संहिता की 10.4 धारा के लाभ का हकदार है. यह ध्यान में रखते हुए कि वह साजिश का शिकार हुआ, पैनल ने नियमों के आरोपों से उसे बरी कर दिया.’ अग्रवाल ने कहा कि पांच जुलाई को लिए गए नमूने में 25 जून को लिए गए नमूने की तुलना में काफी कम प्रतिबंधित पदार्थ था.

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साजिश का शिकार हुआ था नरसिंह
उन्होंने कहा, ‘25 जून को लिए गए नमूने की रिपोर्ट में प्रतिबंधित पदार्थ की जितनी मात्रा पाई गई थी, वह पांच जुलाई को लिए गए नमूने में काफी कम हो गई.’ अग्रवाल ने कहा, ‘अहम बात यह है कि जब एथलीट का पांच जुलाई को दूसरा नमूना लिया गया था तो उसे पहले नमूने की रिपोर्ट पता नहीं था. अगर यह खिलाड़ी नियमित रूप से इसे ले रहा होता तो पांच जुलाई की रिपोर्ट में इस प्रतिबंधित पदार्थ की मात्रा उतनी ही होती.’

नरसिंह बोले- न्याय मिलने का पक्का भरोसा था
राहत की सांस ले रहे नरसिंह ने कहा कि वह अब के लिए बेताब हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं और ओलंपिक में पदक जीतने की उम्मीद लगाए हूं. सच्चाई की जीत हुई. यह सुनिश्चित करेगा कि किसी अन्य खिलाड़ी के साथ ऐसा कुछ नहीं हो. यह बड़ी जीत है.’ नरसिंह ने कहा, ‘मैं जानता था कि मैं सही हूं और मुझे न्याय मिलने का पूरा भरोसा था.’

ओलंपिक में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृज भूषण सिंह ने कहा कि नरसिंह को ओलंपिक टीम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस डोपिंग प्रकरण के सामने आने के बाद भारत का 74 किग्रा वर्ग में कोटा स्थान बचाने के लिए रियो जाने वाली टीम में उनकी जगह प्रवीण राणा को भेजने की घोषणा की गई थी.

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प्रवीण राणा की जगह फिर से जाएंगे नरसिंह
सिंह ने कहा, ‘‘देश का कोटा बचाने के लिये हमने प्रवीण राणा का नाम भेजा था और विश्व संगठन को बताया था कि अगर नरसिंह को हरी झंडी मिल जाती है तो उसे ही भेजा जाएगा. हमने यूनाईटेड विश्व कुश्ती को बता दिया था कि नरसिंह के वह प्रवीण राणा की जगह लेगा.’

उन्होंने कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि नरसिंह जाएगा. फैसले से स्पष्ट है कि नरसिंह साजिश का शिकार हुआ था. नाडा ने इस पर सहमति दे दी है तो अब नरसिंह यादव रियो जाएगा.’

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