भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक दिन, विश्वनाथन आनंद बने FIDE के अंतरिम अध्यक्ष

भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद को FIDE का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है. यूरोपीय संघ द्वारा मौजूदा अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद आनंद ने यह जिम्मेदारी संभाली है. जानिए पूरा मामला और भारत के लिए यह उपलब्धि क्यों खास है.

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विश्वनाथन आनंद FIDE की जिम्मेदारी संभालेंगे. (Photo: Bandeep Singh) विश्वनाथन आनंद FIDE की जिम्मेदारी संभालेंगे. (Photo: Bandeep Singh)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:17 PM IST

भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद को अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह फैसला तब लिया गया जब यूरोपीय संघ (EU) ने मौजूदा FIDE अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े प्रतिबंध लगा दिए.

द्वोरकोविच वर्ष 2018 से FIDE के अध्यक्ष थे.इससे पहले वह 2012 से 2018 तक रूस के उप-प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं. यूरोपीय संघ की नई प्रतिबंध सूची में उनका नाम शामिल होने के बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से हटने का फैसला किया.

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विश्वनाथन आनंद अब अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर FIDE की जिम्मेदारी संभालेंगे. आनंद पहले से ही FIDE में उपाध्यक्ष (Deputy President) की भूमिका निभा रहे थे और संगठन के प्रशासनिक कार्यों से जुड़े हुए थे.

विश्वनाथन आनंद ने कहा, 'राष्ट्रपति आर्काडी द्वोर्कोविच द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन को अस्थायी रूप से निलंबित करने के निर्णय के बाद और FIDE चार्टर के अनुसार, मैंने अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारियां संभाल ली हैं. मैं आर्काडी का उनके नेतृत्व और FIDE के हितों तथा संगठन की स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए धन्यवाद देता हूं. FIDE परिषद, प्रशासन और हमारे सदस्य शतरंज महासंघों के साथ मिलकर मेरा मुख्य ध्यान संगठन के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने और वैश्विक शतरंज समुदाय की सेवा करने पर रहेगा. FIDE का काम पहले की तरह जारी रहेगा. आर्काडी ने एक मजबूत टीम और स्पष्ट विज़न तैयार किया है, और आज मैं इसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी मानता हूं. हम सब एक हैं.'

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भारत के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय शतरंज खिलाड़ी को FIDE की सर्वोच्च जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला है. 

पांच बार के विश्व शतरंज चैंपियन आनंद को खेल के इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है और अब वे वैश्विक शतरंज प्रशासन में भी अहम भूमिका निभाएंगे.

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