'10 महीनों ने मुझे बहुत परखा', छलका चैम्पियन का दर्द, इमोशनल हुए नीरज चोपड़ा

कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और 85.83 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के बाद नीरज चोपड़ा ने पहली बार खुलकर बताया कि पिछले 10 महीने उनके लिए कितने मुश्किल रहे, कैसे कई चोटों, एडक्टर मसल की परेशानी, लोअर बैक इंजरी और लंबे इंतजार के बीच वह हर दिन ट्रेनिंग करते रहे.

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नीरज चोपड़ा अभी भी गोल्ड मेडल से चूक रहे हैं. (फाइल फोटो) नीरज चोपड़ा अभी भी गोल्ड मेडल से चूक रहे हैं. (फाइल फोटो)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:21 AM IST

भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी फिटनेस से जुड़ी लंबी लड़ाई पर खुलकर बात की है. कॉमनवेल्थ गेम्स में पिछले हफ्ते सिल्वर जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि पिछले 10 महीने उनके लिए बहुत मुश्किल रहे और उन्होंने उन्हें ऐसे परखा जैसा उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था. 28 साल के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने ग्लासगो में 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया और इसी के साथ उन्होंने देरी से शुरू हुए सीजन में अपनी लय भी पकड़ी.

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चोट, इंतजार और वापसी की कहानी

मंगलवार को इंस्टाग्राम पर अपनी CWG परफॉर्मेंस की एक छोटी क्लिप शेयर करते हुए नीरज चोपड़ा ने लिखा, "कुछ थ्रो दूर तक जाते हैं, और कुछ पल पूरे सफर का भार अपने साथ लेकर चलते हैं. पिछले 10 महीने ने मुझे ऐसे परखा जैसा मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी." नीरज चोपड़ा ने आगे बताया, "कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को फिर से तैयार करना, अपनी लय दोबारा पाना, और उस वक्त धैर्य रखना जब मैं सिर्फ मुकाबला करना चाहता था. मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा था, बिना यह जाने कि इस साल मेरे पास खेलने के लिए सीजन होगा भी या नहीं."

नीरज चोपड़ा की परेशानी का बड़ा कारण एडक्टर मसल की चोट रही. इसके साथ कुछ और छोटी दिक्कतें भी थीं. इसी वजह से उनके सीजन की शुरुआत देर से हुई. पिछले साल सितंबर में वर्ल्ड चैंपियनशिप से ठीक पहले उन्हें लोअर बैक इंजरी भी हुई थी. यही कारण रहा कि CWG से पहले उन्होंने सिर्फ एक इवेंट खेला था. ऐसे में ग्लासगो में मिला यह सिल्वर सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि वापसी का मजबूत संकेत भी बना.

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ग्लासगो में सीजन बेस्ट, लेकिन गोल्ड से चूक

ग्लासगो में मुश्किल हवा के बीच नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का अपना सीजन बेस्ट निकाला. इसके बावजूद उन्हें श्रीलंका के मौजूदा वर्ल्ड लीडर रुमेश थरंगा पथिरागे ने पछाड़ दिया, जिन्होंने 89.75 मीटर का थ्रो किया. नीरज चोपड़ा ने पिछले हफ्ते कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर अपने नाम किया, जबकि इससे पहले वह 2018 गेम्स में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 86.47 मीटर के साथ गोल्ड जीत चुके थे. 2022 एडिशन वह चोट की वजह से नहीं खेल पाए थे. इस बार का सिल्वर इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह लंबे इंतजार, रिहैब और अनिश्चितता के बाद आया.

सपोर्ट स्टाफ और परिवार को दिया क्रेडिट

पूर्व विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा ने अपनी वापसी का श्रेय अपने सपोर्ट स्टाफ और परिवार को दिया. उन्होंने लिखा, "इस स्तर पर फिर से मुकाबला करना अच्छा लग रहा है. यह सब मैं अकेले नहीं कर सकता था. मैं उन लोगों का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा करना कभी नहीं छोड़ा. मेरे फिजियो, ईशान मरवाहा जी, जो रिकवरी के हर कदम पर मेरे साथ रहे और मुझे फिर से वही करने में मदद की जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है." उन्होंने आगे कहा, "मेरे कोच, जय चौधरी, जो उस पहली बार से मेरे साथ हैं जब मैंने पहली बार जैवलिन उठाया था. मेरा परिवार, जो हर हाल में मेरे साथ मजबूती से खड़ा रहता है. सीजन जारी है, एक बार में एक कदम."

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नीरज चोपड़ा के इस बयान से साफ है कि उनका फोकस फिलहाल सिर्फ धीरे-धीरे आगे बढ़ने पर है. ग्लासगो में मिला सिल्वर और 85.83 मीटर का थ्रो उनके लिए शानदार संकेत है, लेकिन उन्होंने खुद बता दिया है कि यह सफर अभी जारी है. नीरज चोपड़ा के लिए अगला लक्ष्य भी यही है कि सीजन को एक बार में एक कदम आगे बढ़ाया जाए.

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