ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला सिल्वर मेडल दिला दिया है. ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन 26 जुलाई रविवार को भारत के नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई. मणिपुर के वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चनामबम ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
121 Kg उठाकर रचा इतिहास
ऋषिकांत ने कुल 264 किग्रा वजन उठाकर भारत को पोडियम पर जगह दिलाई. इस दमदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने स्नैच राउंड में 121 किग्रा का भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया. प्रतियोगिता की शुरुआत से ही मणिपुर के इस लिफ्टर ने अपना दबदबा बनाए रखा. ऋषिकांत ने स्नैच वर्ग में बेहद संतुलित शुरुआत की. उन्होंने अपने पहले प्रयास में 116 किग्रा का भार उठाया.
दूसरे प्रयास में ऋषिकांत ने 119 किग्रा का भार उठाने में सफलता हासिल की. अपने तीसरे प्रयास में 121 किग्रा का वजन उठाते ही ऋषिकांत ने पूर्व मानक (120 किग्रा) को पीछे छोड़ते हुए नया CWG स्नैच रिकॉर्ड स्थापित किया. हालांकि, बाद में मलेशिया के बिन कासदान मोहम्मद अनिक ने भी अपने तीसरे प्रयास में 121 किग्रा उठाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली.
इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्हें थोड़ी मुश्किल हुई और वे सिर्फ एक ही बार में 143 किग्रा वजन उठा पाए. इसके बावजूद स्नैच राउंड में बनाए अपने रिकॉर्ड और कुल 264 किग्रा वजन की मदद से उन्होंने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया.
भारतीय सेना से ली है ट्रेनिंग
मणिपुर के इम्फाल वेस्ट से ताल्लुक रखने वाले ऋषिकांत सिंह आज भारतीय भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) के सबसे भरोसेमंद नामों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपनी ट्रेनिंग भारतीय सेना के बेहतरीन खेल ढांचे में ली है, जिसने उनकी प्रतिभा को और निखारने का काम किया.
साल 2025 में जीता था गोल्ड
साल 2025 में अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप उनके करियर का अब तक का सबसे यादगार पल साबित हुई. इस प्रतियोगिता में उन्होंने न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि एक नया नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी जगह मजबूती से पक्की कर ली. अहमदाबाद की इसी चैंपियनशिप में ऋषिकांत ने अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर (271 किलोग्राम) हासिल किया था.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क