आर्मी इक्वेस्ट्रियन चैम्पियनशिप का पहली बार दिल्ली में आयोजन, इवेंटिंग में प्रदीप कुमार ने मारी बाजी

Army Equestrian Championships 2026 का आयोजन 5 से 18 अक्टूबर तक पहली बार नई दिल्ली के आर्मी इक्वेस्ट्रियन सेंटर, दिल्ली कैंट में हुआ. इसमें ड्रेसाज, शो जंपिंग, इवेंटिंग और टेंट पेगिंग की स्पर्धाएं आयोजित की गईं.

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भारतीय सेना की घुड़सवारी प्रतियोगिता के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय. (Screengrab) भारतीय सेना की घुड़सवारी प्रतियोगिता के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय. (Screengrab)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:42 PM IST

आर्मी इक्वेस्ट्रियन चैम्पियनशिप (AEC) के इतिहास में 2026 का संस्करण खास रहा. 5 से 18 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता का पहली बार नई दिल्ली में आयोजन किया गया. दिल्ली कैंट स्थित आर्मी इक्वेस्ट्रियन सेंटर में हुई इस चैम्पियनशिप ने भारतीय सेना के घुड़सवारी खेलों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा.

चैम्पियनशिप में घुड़सवारी की चार प्रमुख स्पर्धाएं- ड्रेसाज, शो जंपिंग, इवेंटिंग और टेंट पेगिंग आयोजित की गईं. इसमें सीनियर और कैडेट वर्ग के लिए भी अलग-अलग स्पर्धाएं रखी गई थीं.

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इवेंटिंग में प्रदीप कुमार शीर्ष पर

थ्री-स्टार इवेंटिंग स्पर्धा में आर्मी इक्वेस्ट्रियन नोड के प्रदीप कुमार ने अपने घोड़े परिंदा के साथ पहला स्थान हासिल किया. उन्होंने ड्रेसाज में 31.8, क्रॉस-कंट्री में 6 और शो जंपिंग में 8 पेनल्टी पॉइंट हासिल किए. इस तरह उनका कुल स्कोर 45.8 पेनल्टी पॉइंट रहा.

आर्मी इक्वेस्ट्रियन नोड के ही सचिन चंदेल ने अपने घोड़े प्राइड के साथ 63.6 पेनल्टी पॉइंट लेकर दूसरा स्थान हासिल किया. वहीं, पी. विश्वनाथ अपने घोड़े अमर के साथ 64.7 पेनल्टी पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

इवेंटिंग में पेनल्टी पॉइंट के आधार पर नतीजे तय होते हैं. इसमें जिस राइडर के पेनल्टी पॉइंट सबसे कम होते हैं, वही विजेता बनता है. इस लिहाज से प्रदीप कुमार ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया.

EFI और FEI के नियमों के तहत आयोजन

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चैम्पियनशिप का आयोजन इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) के तकनीकी दिशानिर्देशों और फेडरेशन इक्वेस्ट्रे इंटरनेशनेल (FEI) के लागू नियमों के अनुरूप किया गया.

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धी खेलों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सेना के राइडर्स और घोड़ों का व्यवस्थित विकास करना भी है. नई दिल्ली में पहली बार आयोजन के साथ आर्मी इक्वेस्ट्रियन चैम्पियनशिप ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की.

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