पांच बार की विश्व चैम्पियन ब्राजील की टीम शुक्रवार सुबह कोलकाता पहुंच गई. शनिवार, 3 अक्टूबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ ऐतिहासिक इंटरनेशनल फ्रेंडली खेला जाना है. कोच कार्लो एंसेलोटी के साथ विनीसियस जूनियर, ब्रूनो गिमाराएस समेत ब्राजील के कई बड़े सितारे भारत पहुंचे. होटल पहुंचने पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत हुआ.
खिलाड़ियों के चेहरों पर मुस्कान थी और कई ने हाथ उठाकर थम्स-अप किया. विनीसियस ने युवा प्रशंसकों के लिए ऑटोग्राफ भी दिए. ब्राजीलियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन ने भी सोशल मीडिया पर टीम के भारत पहुंचने की जानकारी देते हुए लिखा, 'WE'VE ARRIVED, INDIA!' यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार ब्राजील और भारत की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीमें आमने-सामने होंगी.
कोलकाता में ब्राजील के फुटबॉल सितारे मैदान पर अपने हुनर का जलवा दिखाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन मैच से पहले बंगाल की एक चीज ने उनका दिल जीत लिया है- मछली. ब्राजीलियन खिलाड़ी कोलकाता में मिलने वाली ताजी मछलियों का स्वाद ले रहे हैं. खास बात यह है कि उनके लिए सीफूड भी टीम के अपने शेफ ही तैयार कर रहे हैं.
ब्राजील की टीम अपनी डाइट को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती. खिलाड़ियों के साथ आए शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट ही रोजाना का पूरा मेन्यू तय कर रहे हैं और खाना उनकी निगरानी में तैयार हो रहा है. यानी मेजबान शहर के स्वाद ने खिलाड़ियों को जरूर आकर्षित किया है, लेकिन प्लेट का कंट्रोल अब भी पूरी तरह ब्राजील के हाथ में है.
टीम के खिलाड़ियों को दिन में करीब पांच बार खाना दिया जा रहा है. लंच और डिनर में चावल, स्पेगेटी, बेक्ड बीन्स, चिकन, मीट, सब्जियां और हरी सलाद के साथ मछली भी मेन्यू का अहम हिस्सा है. तेल का इस्तेमाल बेहद सीमित रखा गया है और ऑलिव ऑयल को प्राथमिकता दी जा रही है. डेजर्ट भी है, लेकिन मात्रा नियंत्रित रखी गई है.
कोलकाता की मछली ने इस तय डाइट में खास जगह बना ली है. शहर को मछली के लिए पहचाना जाता है और ब्राजील के खिलाड़ी भी इसके शौकीन हैं. टीम के शेफ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी मछली को अपने तरीके से तैयार कर रहे हैं, ताकि स्वाद के साथ खिलाड़ियों की न्यूट्रिशन जरूरतों का भी ध्यान रखा जा सके.
सुबह का नाश्ता भी टीम के अपने शेफ ने तैयार किया. इसमें ब्रेड, उबले अंडे, फल और हरी सब्जियों का सलाद शामिल रहा. ताजे फलों और ड्राई फ्रूट्स का भी खिलाड़ियों की डाइट में इस्तेमाल हो रहा है. इतना ही नहीं, टीम अपने पीने का पानी भी बाहर से मंगा रही है.
यानी कोलकाता में ब्राजील के लिए माहौल भले ही नया हो, लेकिन खिलाड़ियों की दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. सुबह हल्का जिम सेशन, तय समय पर भोजन और न्यूट्रिशनिस्ट की निगरानी- फ्रेंडली मुकाबले से पहले टीम अपने रूटीन पर ही चल रही है.
कोलकाता ने ब्राजील को अपनी मछली का स्वाद जरूर चखा दिया है, लेकिन टीम ने अपनी डाइट की कमान नहीं छोड़ी. मैदान पर फुटबॉल ब्राजील का होगा, प्लेट में स्वाद बंगाल का भी होगा- बस तरीका ब्राजील का ही रहेगा.
अनिर्बन सिन्हा रॉय