एक वक्त था. जब टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली ओडीआई मैच में खुद को क्रीज पर जमने का समय देते थे. वो गेंदबाजों को परखते और फिर धीरे-धीरे गियर बदलकर मुकाबले को अपनी मुट्ठी में कर लेते थे. लेकिन अब वही विराट कुछ अलग नजर आ रहे हैं. उम्र बढ़ी है, करियर का दौर बदला है, लेकिन बल्लेबाजी में जोश कम होने के बजाय और तेज दिखाई दे रहा है. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद कोहली ने सिर्फ रनों की रफ्तार नहीं बढ़ाई बनाए हैं, बल्कि अपने खेल का अंदाज भी बदल दिया है.
अब किंग कोहली का मकसद सिर्फ टिककर बड़ी पारी खेलना नहीं दिखता. शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश होती है, गैप मिलते ही रन बटोरने की जल्दबाजी नजर आती है और मौका मिलते ही गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाने में वह बिल्कुल नहीं झिझकते. वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार (27 सितंबर) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली गई नाबाद 139 रनों की पारी इसी बदले हुए विराट की तस्वीर थी.
महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन, 10 चौके और 9 छक्के... यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि विराट कोहली के उस नए अंदाज की झलक थी, जिसकी चर्चा वह खुद भी कर चुके हैं. कोहली इस मैच में छक्का लगाकर शतक तक पहुंचे. वहीं बैक टू बैक छक्के जड़कर मैच को फिनिश किया. चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से जो कोहली ने 13 ओडीआई मैच खेले हैं, उसमें उनके नाम पर 89.9 की औसत से 899 रन दर्ज हैं. इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 5 अर्धशतक ठोके.
पिछली 11 वनडे पारियों में विराट कोहली के स्कोर 74*, 135, 102, 65*, 93, 23, 124, 5, 64, 74 और 139* रहे हैं. इन आंकड़ों में सिर्फ रनों की चमक नहीं है, बल्कि निरंतरता भी है. 11 पारियों में कई बार उन्होंने शतक या उसके आसपास की पारी खेली है. एक-दो छोटी पारियों को छोड़ दें तो उनका बल्ला लगातार बोलता रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव उस दौर के बाद आया जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोहली शुरुआती दो मैचों में डक पर आउट हो गए थे. उस समय सवाल उठे थे कि क्या विराट अपने पुराने रंग में लौट पाएंगे? लेकिन उन्होंने जवाब किसी बयान से नहीं, बल्कि बल्ले से दिया.
विराट कोहली के बदले हुए इंटेंट को समझने के लिए उनकी फिफ्टी तक पहुंचने की रफ्तार पर नजर डालना काफी है. चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद जिन मैचों में उन्होंने 50 रनों तक का सफर तय किया, उनमें उन्होंने कई बार तेजी से रन बनाए. फिर अर्धशतक को चार मौकों पर उन्होंने तिहरे अंकों में बदला.
50 तक पहुंचने में लगी गेंदों का आंकड़ा (CT 2025 के बाद)
• बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी- 56 गेंद
• बनाम साउथ अफ्रीका, रांची- 48 गेंद
• बनाम अफ्रीका, रायपुर- 47 गेंद
• बनाम साउथ अफ्रीका, विशाखापत्तनम - 40 गेंद
• बनाम न्यूजीलैंड, वडोदरा- 44 गेंद
• बनाम न्यूजीलैंड, इंदौर- 51 गेंद
• बनाम इंग्लैंड, कार्डिफ- 50 गेंद
• बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स- 46 गेंद
• बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम- 40 गेंद
तिरुवनंतपुरम में तो 40 गेंदों में अर्धशतक बेहद खास रहा. विराट कोहली ने शुरुआत से ही रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और बाद में उसी पारी को 139* तक पहुंचा दिया. सबसे दिलचस्प बात यह है कि कोहली खुद अपने इस बदलाव से अनजान नहीं हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के बाद उन्होंने अपने खेल को लेकर खुलकर बात की. कोहली ने कहा कि उनका ध्यान कभी माइलस्टोन पर नहीं रहा. उनके लिए असली चुनौती इस समय अपने खेल को एक-दो गियर ऊपर ले जाने की है. यानी 15 हजार ओडीआई रन या 86वां इंटरनेशनल शतक उनके लिए मंजिल नहीं है. वह अब अपने खेल का अगला स्तर तलाश रहे हैं.
विराट कोहली का कहना है कि इस करियर स्टेज पर उन्हें परिस्थितियों को समझते हुए ज्यादा आक्रामक तरीके से खेलना है, लेकिन साथ ही उस बारीक रेखा का भी ध्यान रखना है, जहां आक्रामकता और लापरवाही अलग होती है. यही वजह है कि उनका नया अंदाज सिर्फ बड़े शॉट खेलने तक सीमित नहीं है. वह फिटनेस, रनिंग, मैदान पर ऊर्जा और पारी के आखिरी हिस्से तक टीम के लिए प्रभाव छोड़ने पर भी उतना ही जोर दे रहे हैं.
विराट कोहली अब 38 साल के होने वाले हैं. भारतीय टीम के लिए कोहली केवल एक फॉर्मेट खेलते हैं और अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए उनकी हर पारी की अहमियत बढ़ गई है. ऐसे वक्त में ज्यादातर बल्लेबाज अपने अनुभव का इस्तेमाल खेल को नियंत्रित करने के लिए करते हैं. कोहली भी अनुभव का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनका तरीका थोड़ा अलग नजर आ रहा है. वह अनुभव के साथ आक्रामकता जोड़ रहे हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. उन्होंने पहली बार किसी ओडीआई मैच में 9 छक्के लगाए. इससे पहले उन्होंने इसी मैदान पर साल 2023 में श्रीलंकाई टीम के खिलाफ 8 बार गेंद को स्टैंड्स में पहुंचाया था.
विराट कोहली की कहानी में रिकॉर्ड नए नहीं हैं. शतक नए नहीं हैं. बड़ी पारियां भी नई नहीं हैं. नया है तो उनका इंटेंट चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद के आंकड़े बताते हैं कि कोहली लगातार रन बना रहे हैं, जबकि उनकी हालिया पारियां यह दिखा रही हैं कि वह अब शुरुआत से ही खेल की रफ्तार बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
विराट कोहली के करियर का अगला अध्याय है- वही जुनून, वही अनुभव और वही रन बनाने की भूख. लेकिन अब उसके साथ एक नया तेवर भी जुड़ गया है.
अनुराग कुमार झा