वैभव सूर्यवंशी के नाम के साथ अब सिर्फ कम उम्र और तूफानी बल्लेबाजी की चर्चा नहीं होती. 15 साल की उम्र में यह किशोर बल्लेबाज एक और पहचान तेजी से बना रहा है- बड़े मुकाबलों में रन बनाने वाले खिलाड़ी की. इसका सबसे ताजा सबूत दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ मिला, जहां वैभव ने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 92 और 40 रन बनाए.
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इस अहम नॉकआउट मुकाबले की पहली पारी में वैभव ने महज 81 गेंदों पर 92 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 7 चौके और इतने ही छक्के शामिल थे. दूसरी पारी में ईस्ट जोन को 159 रनों का लक्ष्य मिला तो वैभव ने फिर तेज शुरुआत दिलाई और 43 गेंदों पर 40 रन बनाए. उनकी पारी का अंत सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार के शानदार रनिंग कैच से हुआ.
अब कहानी सीधे चेन्नई पहुंच गई है. ईस्ट जोन 6 सितंबर से एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उतरेगा. उसके सामने साउथ जोन की चुनौती होगी.
लेकिन वैभव की कहानी सिर्फ इस एक मैच की नहीं है. उनके नॉकआउट आंकड़े कहीं ज्यादा दिलचस्प हैं. वैभव ने अब तक 10 नॉकआउट मुकाबलों में 11 पारियों में 717 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 65.18 रहा है. उनके बल्ले से एक शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जबकि उनका उच्चतम स्कोर 175 रन है.
बड़े मैच, बड़े रन... वैभव का रिकॉर्ड देखिए
वैभव के नॉकआउट सफर पर नजर डालें तो अलग-अलग टूर्नामेंट और फॉर्मेट में उनका बल्ला चलता नजर आता है.
IPL के प्लेऑफ में भी नहीं थमा बल्ला
U19 क्रिकेट के बाद जब वैभव ने IPL के दबाव भरे मुकाबलों में कदम रखा तो वहां भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा.
यानी IPL जैसे बड़े और दबाव वाले मुकाबले में भी वैभव ने अपना अटैकिंग अंदाज नहीं छोड़ा. दो लगातार knockout मैचों में 97 और 96 रन उनकी बड़े मंच पर रन बनाने की क्षमता को दिखाते हैं.
अब Red Ball क्रिकेट में भी दिखा दम
वैभव के knockout रिकॉर्ड की सबसे नई और शायद सबसे महत्वपूर्ण एंट्री Duleep Trophy की है.
T20 और 50 ओवर क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर वैभव के सामने इस बार चुनौती अलग थी. फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बल्लेबाज को नई गेंद, लंबे स्पेल और अलग तरह के दबाव का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने पहली पारी में 92 रनों की तूफानी पारी खेल दी.
717 रन सिर्फ आंकड़ा नहीं, एक पैटर्न है
वैभव के 717 knockout रन को सिर्फ एक बड़ा आंकड़ा मानना पूरी कहानी नहीं बताता. असली बात यह है कि ये रन उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों और अलग-अलग फॉर्मेट में बनाए हैं.
U19 क्रिकेट में Asia Cup से लेकर World Cup तक, फिर IPL के Eliminator और Qualifier तक और अब Duleep Trophy के semifinal तक... हर स्तर पर उन्हें बड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ा है.
इन 10 knockout मैचों में हर पारी में बड़ी पारी नहीं आई है. कुछ मुकाबलों में वह जल्दी भी आउट हुए हैं. लेकिन कुल आंकड़ा बताता है कि दबाव वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन सामान्य मैचों की तुलना में किसी भी तरह कमजोर नहीं पड़ा है.
... बल्कि कई मौकों पर तो उन्होंने मैच का रुख ही बदल दिया.
वैभव सूर्यवंशी के नॉकआउट रिकॉर्ड की सबसे खास बात सिर्फ उनके 717 रन नहीं हैं, बल्कि जिस अंदाज में ये रन आए हैं, वह उन्हें और खास बनाता है.
11 पारियों में 717 रन बनाने वाले वैभव का स्ट्राइक रेट 185.27 है. इस दौरान उनके बल्ले से 60 चौके और 59 छक्के, यानी कुल 119 बाउंड्री निकली हैं.
अब सवाल सिर्फ उम्र का नहीं
वैभव के करियर को अब तक अक्सर उनकी उम्र के चश्मे से देखा गया है. 15 साल की उम्र में IPL खेलना, छक्के लगाना और बड़े स्कोर बनाना अपने आप में असाधारण है. लेकिन knockout रिकॉर्ड एक अलग तस्वीर पेश करता है. वह सिर्फ कम उम्र के बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि बड़े मंच पर बार-बार खुद को साबित करने वाले बल्लेबाज के रूप में भी उभर रहे हैं.
यही वजह है कि उनके 717 knockout रन महज एक आंकड़ा नहीं हैं. यह उस किशोर बल्लेबाज की कहानी है, जो जितना बड़ा मुकाबला आता है, उतनी ही बड़ी उम्मीदों के साथ बल्लेबाजी करने उतरता है और अब तक कई मौकों पर उन उम्मीदों पर खरा भी उतरता रहा है.
विश्व मोहन मिश्र