वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान तक नहीं बचा, फिर वैभव सूर्यवंशी को मौका देने में हिचकिचाहट क्यों?

'बेबी बॉस' वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चला है. आयरलैंड के खिलाफ जब टॉप आर्डर के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे, तो इनफॉर्म वैभव की कमी फैन्स को जरूर खलती दिखी. आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने वाले वैभव अब शायद इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू कर पाएं.

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वैभव सू्र्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार जारी. (Photo: Getty) वैभव सू्र्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार जारी. (Photo: Getty)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • बेलफास्ट,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी 'वॉटर बॉय' बनकर रह गए और उन्हें दोनों ही मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. वैभव के बाद टीम में शामिल हुए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को भी इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला, मगर भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरे को निराशा हाथ लगी. इसके बाद क्रिकेट गलियारों में एक ही सवाल गूंजने लगा कि अगर वैभव को अभी मौका नहीं मिलेगा, तो आखिर कब मिलेगा?

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आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसे दौरे युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका देते हैं. यही वजह है कि फैन्स और क्रिकेट विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग), अंडर-19 क्रिकेट और घरेलू मैचों में धमाल मचाने वाले 'बेबी बॉस' वैभव को इस सीरीज में कम से कम एक मैच जरूर मिलेगा. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने लगातार दूसरे मैच में भी उन्हें बाहर रखने का फैसला किया.

... तो सूर्यकुमार का क्या कसूर था?
वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं देने के पीछे एक तर्क यह दिया जा रहा है कि टीम इंडिया इस साल आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने वाले खिलाड़ियों और सेट कॉम्बिनेशन को प्राथमिकता दे रही है. लेकिन यह दलील भी कई सवाल खड़े करती है. आखिर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब भारत ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में जीता था. इसके बावजूद विश्व कप जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया गया और वह मौजूदा टी20 सेटअप का भी हिस्सा नहीं हैं. यदि विश्व चैम्पियन खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना ही चयन का आधार है, तो फिर यह तर्क हर खिलाड़ी पर समान रूप से लागू होता हुआ नहीं दिखता.
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श्रेयस अय्यर को इसलिए कप्तान बनाया गया क्योंकि वो आईपीएल में अपनी शानदार लीडरशिप दिखा चुके हैं. लेकिन कप्तानी का रिकॉर्ड तो सूर्यकुमार यादव का काफी जबरदस्त रहा. सूर्या की कप्तानी में भारतीय टीम ने 52 में 40 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले जीते और केवल 8 में हार मिली. 2 मैच टाई रहे और दो का नतीजा नहीं निकला. सबसे बड़ी बात ये थी कि सूर्या के अंडर भारत ने एक भी टी20 सीरीज या टूर्नामेंट नहीं गंवाया. ऐसे में उन्हें एक मौका और दिया जाना तो बनता था.

आयरलैंड के खिलाफ पस्त हुआ टॉप आर्डर
भारतीय टीम ने आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में ओपनर के तौर पर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को आजमाया. संजू टी20 वर्ल्ड कप की फॉर्म बरकरार नहीं रख पाए. पहले मैच में संजू ने 5 रन स्कोर किए और दूसरे मुकाबले में उनका खाता तक नहीं खुला. दोनों मैचों में उन्हें अनुभवहीन बॉलर जय मूंदरा ने चलता किया. अभिषेक ने पहले मैच में जरूर 49 रन बनाए, लेकिन दूसरे मुकाबले में वो संजू सैमसन की तरह गोल्डन डक पर आउट हुए. श्रेयस अय्यर (3 रन और 10 रन) और ईशान किशन (1 रन और 12 रन) का भी बुरा हाल रहा.
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भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले टी20I में टॉस के वक्त 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर बड़ी टिप्पणी की थी. श्रेयस ने कहा था कि वैभव एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन स्क्वॉड में जबरदस्त अनुभव है और इन खिलाड़ियों ने भारत के लिए पिछली कुछ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है. श्रेयस ने जोर देकर कहा था कि वैभव को समय आने पर मौका मिलेगा.

अब वैभव सूर्यवंशी को और कितना इंतजार कराया जाएगा? वैभव का मामला सिर्फ एक युवा खिलाड़ी के चयन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह टीम इंडिया की सेलेक्शन नीति पर भी सवाल खड़े कर रहा है. जब विश्व कप विजेता कप्तान तक को टीम से बाहर किया जा सकता है, तब वैभव जैसे असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौका देने के लिए किसी को प्लेइंग-11 से ड्रॉप क्यों नहीं किया जा सकता. वैभव को लेकर टीम मैनेजमेंट हिचकिचाहट क्यों दिखा रहा?

बेशक सूर्यांश शेडगे ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है और उन्हें भी मौके मिलने चाहिए. लेकिन वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि उन्होंने महज 15 साल की उम्र में जिस तरह की बल्लेबाजी की है, वो इस बल्लेबाज को खास बनाता है. वैभव निश्चित तौर पर सूर्यांश से पहले इंटरनेशनल डेब्यू करने के हकदार थे.

वैभव का इंटरनेशनल डेब्यू भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित इंतजारों में से एक बन चुका है. अगर उन्हें आयरलैंड जैसी सीरीज में भी मौका नहीं मिला, तो यह सवाल और जोर पकड़ सकता है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को टीम इंडिया की जर्सी पहनने के लिए और क्या करना होगा. अब भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं. ये देखना होगा कि वैभव के इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार खत्म हो पाता है या उन्हें यहां पर भी बेंच पर ही बिठाया जाता है.

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