न्यूजीलैंड के ओपनर टिम सीफर्ट का मानना है कि भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम की देर से हुई वापसी की सबसे बड़ी वजह पिछली गलतियों से सीखना और मैच के अहम मौकों का फायदा उठाना रहा. हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल है कि टीम ने ये सबक थोड़ी देर से सीखे और तब तक सीरीज हाथ से निकल चुकी थी.
न्यूजीलैंड ने रविवार को हैमिल्टन में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में भारत को सात विकेट से हराया. इस जीत के हीरो सीफर्ट रहे, जिन्होंने महज 50 गेंदों पर 93 रनों की तूफानी पारी खेली. वह एक बार फिर अपने पहले टी20 इंटरनेशनल शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने भारत के 191/8 के स्कोर को 18 ओवर में हासिल कर लिया. हालांकि, भारत शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका था.
मैच के बाद सीफर्ट ने कहा- पिछले मुकाबलों से मिली सीख ने हमारी मदद की. क्राइस्टचर्च में हम जीत के काफी करीब थे. असल में जब मैच का नतीजा तय हो रहा होता है, तब छोटे-छोटे मौकों को अपने पक्ष में करना जरूरी होता है. हमारे गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और जिन पिचों पर हम खेले, उनके हिसाब से खुद को ढाला.
उन्होंने आगे कहा कि सीरीज शुरू होने पर टीम का मुख्य लक्ष्य जीतना था. पीछे मुड़कर देखें तो क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड ने अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन मैच के निर्णायक पलों में टीम बाजी नहीं मार सकी.
सीफर्ट के मुताबिक- क्राइस्टचर्च के बाद न्यूजीलैंड की स्थिति 2-0 की बढ़त या कम से कम 1-1 की बराबरी वाली हो सकती थी. आखिरी दो मुकाबलों में टीम ने उन गलतियों को सुधारा, जो शुरुआती मैचों में भारी पड़ी थीं.
हालांकि, उन्होंने वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 में भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन की भी तारीफ की. उस मुकाबले में अभिषेक शर्मा के विस्फोटक शतक और युवा वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 40 गेंद बाकी रहते छह विकेट से जीत दर्ज की थी और सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी.
सीफर्ट ने कहा- वेलिंगटन में भारत ने शानदार बल्लेबाजी की. टी20 क्रिकेट में ऐसे मुकाबले हो सकते हैं. कुल मिलाकर यह हमारे लिए अच्छी सीरीज रही, लेकिन दुर्भाग्य से हम जीत नहीं पाए.
IND vs NZ सीरीज में खुद के प्रदर्शन पर क्या बोले सीफर्ट
अपने प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव को लेकर सीफर्ट ने कहा कि टी20 क्रिकेट में ऐसा होता रहता है. वेलिंगटन में वह दो रन बनाकर आउट हुए थे. उन्होंने माना कि उस मुकाबले में उनका एक शॉट जल्दबाजी वाला था, लेकिन बल्लेबाज के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना भी जरूरी है. उनके मुताबिक, इस तरह आउट होने के बजाय वह आत्मविश्वास के साथ बड़े शॉट खेलने का जोखिम लेना पसंद करेंगे.
सीफर्ट ने कहा कि सीरीज का अंत 93 रनों की पारी के साथ करना अच्छा रहा, लेकिन काश वह ऐसा प्रदर्शन तब कर पाते, जब सीरीज दांव पर लगी थी.
आखिरी मुकाबले में न्यूजीलैंड की गेंदबाजी की भी उन्होंने तारीफ की. खास तौर पर एडम मिल्ने के प्रदर्शन को शानदार बताया, जिन्होंने 19 रन देकर चार विकेट झटके. सीफर्ट ने कहा कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अप्रत्याशित होना जरूरी है. हैमिल्टन की पिच थोड़ी धीमी थी, इसलिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों का अच्छी तरह इस्तेमाल किया. मिल्ने ने बेहतरीन गेंदबाजी की और बाकी गेंदबाजों ने भी उनके प्रदर्शन को आगे बढ़ाया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क