टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीकी टीम पिछले टेस्ट क्रिकेट में वर्ल्ड चैम्पियन बनी थी. बावुमा टेस्ट क्रिकेट में तो साउथ अफ्रीकी टीम को चैम्पियन बना चुके, अब उनकी निगाहें 2027 के वनडे वर्ल्ड कप पर टिक गई हैं. इस विश्व कप के शुरू होने में अभी वक्त है, लेकिन बावुमा का लक्ष्य अभी से साफ है.
साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस विश्व कप को लेकर टेम्बा बावुमा ने कहा कि यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके करियर का सबसे बड़ा सपना है. वर्ल्ड कप वेन्यू रिवील इवेंट के दौरान बावुमा ने आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) से बातचीत में कहा कि जब 2027 विश्व कप शुरू होगा, तब उनकी उम्र 37 साल होगी. बावुमा का मानना है कि सिर्फ अपनी फिटनेस पर ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती पर भी लगातार काम करना होगा.
उन्होंने कहा, '2027 तक मैं 37 साल का हो जाऊंगा. इसलिए सिर्फ शारीरिक रूप से फिट होना काफी नहीं होगा. मानसिक रूप से भी खुद को तैयार रखना होगा. अभी वहां तक पहुंचने से पहले बहुत कुछ होना बाकी है. यह सपना जरूर है, लेकिन फिलहाल मेरा पूरा ध्यान हर दिन बेहतर बनने और छोटे-छोटे कदम आगे बढ़ाने पर है.'
2023 वर्ल्ड कप में टूटा था सपना
टेम्बा बावुमा और साउथ अफ्रीका के लिए 2023 वनडे विश्व कप आज भी एक अधूरी कहानी की तरह है. भारत में खेले गए उस टूर्नामेंट में प्रोटियाज टीम शानदार लय में थी और सेमीफाइनल तक पहुंची थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उसका फाइनल खेलने का सपना तोड़ दिया. अब 2027 में अपने ही घर में होने वाले विश्व कप को लेकर बावुमा की नजरें इतिहास बदलने पर हैं. साउथ अफ्रीका अब तक वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया है. ऐसे में मेजबान टीम पहली बार इस इंतजार को खत्म करना चाहेगी.
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टेम्बा बावुमा ने कहा, 'विश्व कप हर चार साल में आता है और यही इसकी सबसे बड़ी चुनौती है. लगभग छह से आठ हफ्तों तक आपको लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना होता है. 2023 में मैंने उस दबाव और माहौल को करीब से महसूस किया था. अब उस अनुभव का फायदा उठाना चाहता हूं.'
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टेम्बा बावुमा का मानना है कि 2027 विश्व कप सिर्फ क्रिकेट का आयोजन नहीं होगा, बल्कि पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए अपनी पहचान दुनिया के सामने रखने का सुनहरा मौका भी होगा. उन्होंने कहा, 'हमारे पास दुनिया को अफ्रीका का वह चेहरा दिखाने का मौका है, जिसे लोग शायद पहले कभी इतने करीब से नहीं देख पाए. हमारी संस्कृति, हमारी मेहमाननवाजी और हमारी खूबसूरती इस विश्व कप के जरिए पूरी दुनिया तक पहुंचेगी.'
2027 विश्व कप तक पहुंचने का सफर टेम्बा बावुमा के लिए आसान नहीं होगा. बढ़ती उम्र, लगातार क्रिकेट और कप्तानी का दबाव उनके सामने बड़ी चुनौती होगी. हालांकि उनका मानना है कि अगर वह फिट और मानसिक रूप से मजबूत रहे, तो साउथ अफ्रीका को पहली बार विश्व कप चैम्पियन बनाने का सपना पूरा हो सकता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क