वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार (14 अक्टूबर) को हैदराबाद टी20 में 24 रनों से मिली हार के बाद भारतीय गेंदबाजों पर सवाल उठ रहे हैं. टीम इंडिया ने 20 ओवर्स में 247 रन लुटा दिए और लक्ष्य का पीछा करते हुए 223 रन तक ही पहुंच सकी. इस हार के बाद पिच को लेकर बहस छिड़ी, लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों की गलतियों पर सवाल उठाते हुए पिच का बचाव किया. उन्होंने साफ कहा कि खराब गेंदबाजी के लिए पिच को दोष देना सही नहीं है.
सुनील गावस्कर के मुताबिक, हैदराबाद की पिच से ज्यादा चिंता भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन को लेकर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने कई मौकों पर गलत लेंथ पर गेंदें डालीं, जिसका बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया. गावस्कर ने यह भी याद दिलाया कि तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भी फुलटॉस गेंदें फेंकी थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी गलतियों को सुधारा और बेहतर गेंदबाजी की.
जियोहॉटस्टार पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'हम अक्सर पिचों की बात करते हैं और उन्हें दोष देते हैं कि वे गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही हैं. लेकिन अगर आप फुलटॉस गेंदें डालेंगे, तो इसमें पिच का क्या दोष है?' उन्होंने आगे कहा कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को सफलता तब मिली, जब उन्होंने सही लेंथ पर गेंदबाजी की और यॉर्कर का इस्तेमाल किया. गावस्कर की इस टिप्पणी ने साफ कर दिया कि गेंदबाजों को परिस्थितियों का बहाना बनाने के बजाय अपनी गेंदबाजी में सुधार करना चाहिए.
होप ने जड़ दिया ताबड़तोड़ शतक
हैदराबाद टी20 में वेस्टइंडीज ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन बनाए. शाई होप ने नाबाद 102 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि शिमरॉन हेटमायर ने सिर्फ 12 गेंदों पर 33 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को अटैक करने का मौका नहीं दिया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया.
जवाब में भारत ने भी आक्रामक अंदाज अपनाया. संजू सैमसन ने 23 गेंदों पर 56 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी टीम को मुकाबले में वापस लाने की कोशिश की. हालांकि, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अहम समय पर वापसी की और भारत को 223 रनों तक सीमित कर दिया. इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी.
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि मुकाबले के बीच के ओवरों में पिच कुछ धीमी हो गई थी और गेंद में अतिरिक्त उछाल भी देखने को मिला. हालांकि, उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने परिस्थितियों और फील्ड के हिसाब से अपनी रणनीति में बदलाव किया.
श्रेयस अय्यर के मुताबिक भारतीय टीम ने जब मुकाबले में वापसी करते हुए दबाव बनाना शुरू किया, तब वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शानदार तरीके से पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सीरीज का आखिरी मुकाबला दिलचस्प होगा और टीम को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है.
भारतीय कप्तान ने साफ किया कि टीम अपने आक्रामक बल्लेबाजी के रवैये से पीछे नहीं हटेगी. श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम को अपने खेलने के तरीके पर भरोसा रखना होगा और अगले मैच में सही समय पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क