आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे ने टीम इंडिया की एक ऐसी कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल होगा. बल्लेबाजी और गेंदबाजी में उतार-चढ़ाव तो खेल का हिस्सा हैं, लेकिन लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की पूरी रणनीति ही बिगाड़ दी. वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने भी अब इस मुद्दे पर खुलकर अपनी चिंता जाहिर की है.
लॉर्ड्स में तीसरा ओडीआई हारने के बाद शुभमन गिल ने कहा कि टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती विरोधी टीम नहीं, बल्कि अपने खिलाड़ियों की फिटनेस बन गई है. उनका मानना है कि हर मैच के बाद अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए, तो कोई भी टीम अपनी योजनाओं पर अमल नहीं कर सकती.
शुभमन गिल ने बताया कि इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए जिस टीम का चयन किया गया था, उसमें से आखिरी मुकाबले तक पांच खिलाड़ी बाहर हो चुके थे. शुभमन कहते हैं, 'जिस टीम का हमने ऐलान किया था, उसमें से कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल पाए. अगर एक खिलाड़ी चोटिल होता है तो आप नया कॉम्बिनेशन बना लेते हैं. दो खिलाड़ी बाहर हो जाएं तो फिर दूसरा प्लान बना लेते हैं. लेकिन अगर हर मैच के बाद कोई खिलाड़ी उपलब्ध ही नहीं रहे, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं हमसे बड़ी गलती हो रही है.'
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भारतीय कप्तान का इशारा साफ था कि टीम मैनेजमेंट जितनी रणनीति बनाता है, चोटें उसे उतनी ही तेजी से बदलने पर मजबूर कर देती हैं. शुभमन ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लगातार 11 मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं. ऐसे में अगर खिलाड़ी दो या तीन मैच की सीरीज भी बिना चोटिल हुए पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है.
ऐसे में कैसे वर्ल्ड कप जीतेंगे?
शुभमन गिल ने कहा, 'हम वर्ल्ड कप को लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं, जहां लगातार 11 मैच खेलने होंगे. लेकिन यहां खिलाड़ी दो-तीन मैच भी लगातार नहीं खेल पा रहे. एक-दो मुकाबले खेलते हैं, फिर उन्हें चोट लग जाती है और हमें मजबूरी में पूरा कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है.' शुभमन ने फिटनेस को लेकर सबसे सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में 80 प्रतिशत फिट खिलाड़ी के साथ उतरना पूरी टीम को मुश्किल में डाल सकता है.
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शुभमन गिल ने बताया, 'सुबह मैदान पर आकर अगर पता चले कि कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं है, तो फैसला लेना बेहद मुश्किल हो जाता है. अगर आप पांच गेंदबाजों के साथ उतरते हैं और उनमें से एक सिर्फ पांच ओवर डालकर चोटिल हो जाए, तो बाकी ओवर कौन पूरे करेगा? इसलिए हमें बतौर टीम अपनी फिटनेस का स्तर काफी ऊपर ले जाना होगा.'
इंग्लैंड दौरे पर हार्दिक पंड्या चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे. नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और जसप्रीत बुमराह भी अलग-अलग चोटों की वजह से मुकाबले मिस किए. बुमराह तो सिर्फ दो वनडे खेलने के बाद तीसरे मुकाबले से बाहर हो गए. लगातार बदलावों का असर प्रदर्शन पर भी साफ दिखाई दिया. भारत आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 से हार गया. इसके बाद इंग्लैंड ने टी20 सीरीज 4-0 से अपने नाम की और फिर वनडे सीरीज भी 2-1 से जीत ली. पूरे दौरे में भारतीय टीम सिर्फ बर्मिंघम वनडे ही जीत सकी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क