'मजबूरी में मां-बाप को छोड़ना पड़ा था', दर्दभरा रहा था रोहित शर्मा का बचपन, खोला सालों पुराना राज

रोहित शर्मा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया फैन्स के बीच जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में रोहित ने अपने बचपन के दिनों में आने वाले कठिनाइयों पर बात की है. इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आए.

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रोहित का छलका दर्द. (PHOTO: Reuters) रोहित का छलका दर्द. (PHOTO: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:34 PM IST

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने नए टीवी शो फैमिली फुल हाउस पर अपने दिल की बात खुलकर शेयर की. शो के दौरान जब परिवार के सपोर्ट पर बात चल रही थी तो कृष्णा ने अपने मामा गोविंदा का जिक्र करते हुए रोहित से पूछा कि उनके मुश्किल दिनों में किसने साथ दिया था?

इस सवाल के जवाब में रोहित शर्मा अपने बचपन की यादों में खो गए और उन्होंने बताया कि उनका शुरुआती सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. रोहित शर्मा इस दौरान भावुक भी नजर आए, लेकिन उन्होंने अपने चाचा और दादा पर जमकर लुटाया. 

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रोहित ने नम आंखों से बताया कि जब वे छोटे थे तो वे अपने माता-पिता के साथ नहीं रह पाते थे. उन्हें उनके दादाजी और चाचा ने पाला था. रोहित ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे से दूर नहीं रहना चाहते, लेकिन उस वक्त कुछ ऐसी मजबूरियां थीं कि मेरे मम्मी-पापा को मुझे वहां छोड़ना पड़ा. 

रोहित ने आगे कहा कि मैं जानता हूं कि उनका दिल बिल्कुल नहीं रहा होगा, लेकिन हालात ही ऐसे थे. बता दें कि इससे पहले भी कई मौकों पर अपने माता-पिता को लेकर कई दिलचस्प खुलासे कर चुके हैं.

चाचा और दादाजी से मिला सपोर्ट

रोहित ने आगे बताया कि उनके बचपन और क्रिकेट के शुरुआती दिनों में उनके दादाजी और चाचा ने उनकी हर संभव मदद की. चाहे स्कूल ले जाना हो, स्कूल की फीस भरनी हो या फिर क्रिकेट कैंप की भारी-भरकम फीस चुकाना हो उनके चाचा और दादाजी ने सब कुछ संभाला.

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रोहित ने गर्व और आभार जताते हुए कहा कि वो वक्त हमारे लिए बहुत कठिन था, लेकिन मेरे चाचा और परिवार के लोगों ने अपनी हर खुशी और जरूरत को कुर्बान कर दिया. उन्होंने हमेशा मुझे और मेरे सपनों को सबसे पहले रखा. आज अगर मैं इस मुकाम पर पहुंचकर देश के लिए क्रिकेट खेल पा रहा हूं, तो वह सिर्फ मेरे परिवार, मेरे दादाजी और मेरे चाचा के त्याग की वजह से ही संभव हो पाया है.

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