लाहौर के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ एक विकेट की रोमांचक जीत के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने जमकर जश्न मनाया. एक तरफ जहां टीम जश्न में डूबी थी, वहीं टीम के स्टार तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने अपनी घटिया हरकत से एक बार फिर सुर्खियां बटोरने का काम किया.
मैदान पर खेल भावना की धज्जियां उड़ाने और अंपायर से उलझने के जुर्म में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने हारिस रऊफ को कड़ी फटकार लगाई है. इस हरकत के लिए आईसीसी ने रऊफ पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना ठोक दिया है.
यह पूरा ड्रामा पाकिस्तानी पारी के 46वें ओवर के खत्म होने पर देखने को मिला. नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े हारिस रऊफ पहले तो अंपायर से वाइड गेंद मांगने लगे. फिर इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स से फालतू में बहसबाजी करने लगे.
अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद के मना करने के बावजूद रऊफ का गुस्सा शांत नहीं हुआ. उन्होंने हवा में बल्ला उठाया, अंपायर को अनदेखा करके उनसे टकराते हुए निकले और इंग्लिश खिलाड़ी की तरफ बदतमीजी से बढ़ते रहे.
लटक रही है बैन की तलवार!
आईसीसी ने उनकी इस हरकत को खेल की गरिमा के खिलाफ मानते हुए आचार संहिता का उल्लंघन पाया और उनके खाते में 1 डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिया. पिछले दो सालों में रऊफ की यह तीसरी हरकत है, जिससे उनके कुल डिमेरिट पॉइंट अब बढ़कर 5 हो चुके हैं. यानी अब उन पर बैन की तलवार भी लटक रही है.
इंग्लैंड की ढिलाई पर भी कटा चालान
रऊफ की हरकत के अलावा इस मैच में स्लो ओवर रेट के लिए इंग्लैंड टीम पर भी गाज गिरी है. तय समय सीमा में 3 ओवर कम फेंकने की वजह से ICC मैच रेफरी जेफ क्रो ने इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रुक और पूरी टीम पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया. दोनों ही पक्षों ने अपनी-अपनी गलतियों और सजा को बिना किसी बहस के स्वीकार कर लिया है.
मैच की बात करें तो शादाब खान के नाबाद शतक और हारिस रऊफ के साथ 10वें विकेट की 89 रनों की साझेदारी के दम पर पाकिस्तान ने यह मैच 1 विकेट से तो जीत लिया. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने 31 अक्टूबर को श्रीलंका के खिलाफ होने वाले ट्राई-सीरीज के फाइनल में जगह भी बना ली.
आजतक एजुकेशन डेस्क