'पैसे और प्राइवेट लीग के पीछे खिलाड़ी...', मोइन खान ने पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर जताई चिंता, PCB को लताड़ा

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान मोइन खान ने टीम के लगातार खराब प्रदर्शन पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि हालात नहीं सुधरे तो पाकिस्तान को दुनिया की टॉप टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज हासिल करने में मुश्किल हो सकती है. मोइन ने PCB, चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराते हुए स्थिरता की कमी, प्राइवेट लीग को प्राथमिकता और तेज गेंदबाजों की घटती मेहनत पर सवाल उठाए.

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'पाकिस्तान कैप की वैल्यू कम कर दी...' मोइन खान का PCB-सेलेक्टर्स पर तीखा वार (Photo: ITG) 'पाकिस्तान कैप की वैल्यू कम कर दी...' मोइन खान का PCB-सेलेक्टर्स पर तीखा वार (Photo: ITG)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन को लेकर पूर्व टेस्ट कप्तान मोइन खान ने गंभीर चिंता जताई है. मोइन का मानना है कि अगर पाकिस्तान का प्रदर्शन इसी तरह गिरता रहा तो भविष्य में उसे दुनिया की शीर्ष टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) आयोजित करने में भी परेशानी हो सकती है.

69 टेस्ट और 219 वनडे खेल चुके पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज मोइन खान ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB), चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए.

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मोइन खान ने कहा कि पाकिस्तान की टीम इस समय तीनों फॉर्मेट में संघर्ष कर रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है. उन्होंने कहा- हम सभी फॉर्मेट में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन खासतौर पर टेस्ट मैचों में. अगर यही सिलसिला जारी रहा तो मुझे डर है कि लोगों की पाकिस्तान क्रिकेट में दिलचस्पी कम हो जाएगी. 

मोइन ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट विश्व क्रिकेट के निचले स्तर की टीमों में पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में शीर्ष टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज तय करना भी मुश्किल हो सकता है.

PCB और सेलेक्टर्स पर साधा निशाना
पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए PCB और चयनकर्ताओं को भी जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना है कि टीम और क्रिकेट सिस्टम में लगातार बदलाव ने स्थिरता खत्म कर दी है. मोइन ने कहा कि कप्तानों, कोचों और खिलाड़ियों को बार-बार बदला जाता है. इसके अलावा राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के कुछ फैसले भी समझ से परे होते हैं.

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उन्होंने सवाल उठाया- अगर कप्तान, कोच और खिलाड़ियों को लगातार बदलते रहेंगे तो फिर अच्छे नतीजों की उम्मीद कैसे की जा सकती है? जब तक निरंतरता, स्थिरता और लोगों पर भरोसा नहीं होगा, तब तक सफलता हासिल करना मुश्किल है.

हर नया चेयरमैन बदल देता है सिस्टम!
मोइन खान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में घरेलू क्रिकेट और राष्ट्रीय टीम में लगातार किए गए बदलावों ने पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया है. खिलाड़ियों का भी सिस्टम से भरोसा कम होता जा रहा है.

उन्होंने PCB की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में फैसले एक मजबूत संस्था की तरह नहीं लिए जाते. बल्कि कई बार यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय बोर्ड में किसके पास ताकत है.

मोइन ने कहा- जब भी चेयरमैन और मैनेजमेंट टीम बदलती है, हमारे क्रिकेट सिस्टम में बदलाव शुरू हो जाते हैं. जरूरी नहीं कि ये बदलाव हमेशा फायदेमंद हों. फिर स्थिरता कहां है?

खिलाड़ियों की प्राथमिकता पर भी सवाल
मोइन खान ने सिर्फ PCB और सेलेक्टर्स को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने मौजूदा खिलाड़ियों की सोच और तैयारी पर भी निराशा जताई. उनका मानना है कि आज के कई खिलाड़ी अपनी तकनीक और क्रिकेटिंग टेंपरामेंट को विकसित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं. उनकी प्राथमिकता निजी लीगों से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की हो गई है.

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मोइन ने कहा कि एक सफल खिलाड़ी के पीछे पैसा अपने आप आता है. उनके दौर में खिलाड़ी लाखों में कमाते थे, जबकि आज खिलाड़ी करोड़ों रुपये कमाते हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि अपने देश के लिए सफल होना सबसे बड़ी उपलब्धि है.

बेटे आजम खान को भी दी सलाह
मोइन खान ने अपने बेटे आजम खान का भी जिक्र किया, जो पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा आजम को यही सलाह दी कि निजी लीगों से पहले पाकिस्तान के लिए खेलने को प्राथमिकता देनी चाहिए.

मोइन ने कहा- मुझे लगता है कि अब खिलाड़ियों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं. PCB और चयनकर्ताओं ने भी पाकिस्तान कैप की अहमियत कम करने में मदद की है.

वसीम-वकार और शोएब का उदाहरण देकर समझाया
मोइन खान ने पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि गेंदबाज अब लंबे समय तक मेहनत करने के लिए तैयार नहीं दिखते.

पूर्व कप्तान ने कहा कि उन्होंने वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे महान तेज गेंदबाजों के साथ खेला है. उनके मुताबिक किसी भी तरह की पिच पर गेंदबाजी में परफेक्शन हासिल करना और रफ्तार बढ़ाना लंबे समय तक नेट्स में मेहनत करने से ही संभव है.

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