भारत और जापान के बीच जमीन-आसमान का फर्क माना जा रहा था, लेकिन मंगलवार को सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में 5-5 ओवर के मुकाबले ने सारी तस्वीर बदल दी. जिस जापान के बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजों के सामने टिकना भी मुश्किल माना जा रहा था, उसी टीम ने भारत को आखिरी गेंद तक डरा दिया. भारत ने मैच सिर्फ दो रन से जीता, लेकिन इस जीत ने कई सवाल भी छोड़ दिए.
सबसे बड़ा सवाल था- वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में मौका क्यों नहीं मिला? बारिश से मुकाबला पांच ओवर का रह गया था. ऐसे में भारत ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी को बरकरार रखा. वैभव को प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया और अभिषेक खाता खोले बिना लौट गए. सैमसन भी सिर्फ 9 रन बना सके.
भारत के पास आक्रामक बल्लेबाजी के लिए वैभव जैसा विकल्प मौजूद था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने पहले से कायम ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ जाने का फैसला किया. हालात ने इस फैसले को और मुश्किल बना दिया, क्योंकि भारतीय बल्लेबाजी पांच ओवरों में 32 रनों पर चार विकेट गंवाकर लड़खड़ा गई.
वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली, लिहाजा मैच के दौरान वह खिलाड़ियों के लिए पानी लेकर मैदान के चक्कर लगाते नजर आए. जिस किशोर बल्लेबाज से चौके-छक्के की उम्मीद की जाती है, वह इस मुकाबले में सिर्फ ‘वॉटर बॉय’ की भूमिका में दिखा.
वैभव मैदान पर खिलाड़ियों को पानी पिलाते नजर आए. कैमरा उनकी तरफ गया तो चेहरे के भाव बहुत कुछ कह गए. वीडियो (0:35 Sec.) में देखिए, इस युवा सितारे का रिएक्शन...
पांच ओवरों का मैच, फिर भी वैभव को नहीं आजमाया!
यह मुकाबला भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके से भी जुड़ा था. दोनों टीमें इसके बाद एशियन गेम्स में भी उतरने वाली हैं. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल से अपना अभियान शुरू करना है. ऐसे में भारत के लिए यह मुकाबला एशियन गेम्स की तैयारियों को परखने का एक मौका भी था.
... फिर जब मैच बारिश के कारण सिर्फ पांच-पांच ओवरों का रह गया, तो टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आजमाने का विकल्प चर्चा में आना स्वाभाविक था. लेकिन टीम इंडिया ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रखा और वैभव को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली. नतीजा यह रहा कि भारत की बल्लेबाजी जापानी स्पिनरों के सामने 32 रनों पर रुक गई.
... जापान के स्पिनरों ने भारत को ही घुमा दिया
भारत के बल्लेबाजों के सामने चुनौती किसी बड़े नाम वाले गेंदबाज की नहीं, बल्कि जापान के उन स्पिनरों की थी जिनके खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों से बड़े शॉट्स की उम्मीद थी. पिच में नमी थी और गेंद उम्मीद से ज्यादा घूम रही थी. यही जापानी गेंदबाजों का हथियार बन गया.
चार्ली हारा हिन्जे ने अभिषेक शर्मा को शून्य पर आउट किया. अभिषेक ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग बिगड़ गई. इसके बाद इब्राहिम ताकाहाशी ने सैमसन को 9 रन पर हवा में शॉट खेलने के लिए मजबूर किया और मिडविकेट बाउंड्री पर कैच हो गया.
ईशान किशन भी तीन रन बनाकर लौटे. वह लगातार टर्न के खिलाफ शॉट लगाने की कोशिश करते रहे और मिडऑफ पर कैच दे बैठे.
कप्तान श्रेयस अय्यर ने 16 रन बनाए, लेकिन वह भी पिच की धीमी गति और टर्न के सामने खुलकर नहीं खेल सके. भारत की पारी में सिर्फ तीन चौके आए.
32 रनों के जवाब में जापान ने बढ़ा दीं धड़कनें
32 रनों का लक्ष्य देखकर किसी को भी लग सकता था कि भारत कुछ ही गेंदों में मैच खत्म कर देगा. लेकिन पांच ओवरों के इस अजीब मुकाबले में यही छोटा स्कोर भारत के लिए दबाव बन गया.
रवि बिश्नोई के तीसरे ओवर में जापान ने 10 रन बटोर लिए. वॉशिंगटन सुंदर ने भी चौथे ओवर में सात रन खर्च कर दिए. अब आखिरी ओवर में जापान को सिर्फ आठ रन चाहिए थे.
यहीं अनुभवी अक्षर पटेल भारत के संकटमोचक बने. 150 से ज्यादा आईपीएल मैचों का अनुभव रखने वाले अक्षर ने आखिरी ओवर में जापानी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका ही नहीं दिया. उन्होंने गेंद को ऐसी जगह रखा कि शिराई पैटमोर और बेंजामिन इटो-डेविस बड़े शॉट के लिए तरसते रहे.
बारिश के कारण आउटफील्ड भी धीमी थी, जिससे जापान की मुश्किल और बढ़ गई.
आखिरी गेंद पर बाउंड्री चाहिए थी, अक्षर ने जापान का सपना तोड़ा!
आखिरी गेंद पर जापान को जीत के लिए बाउंड्री चाहिए थी, लेकिन अक्षर पटेल ने ऐसा होने नहीं दिया. शिराई पैटमोर ने लाइन के पार शॉट खेलने की कोशिश की, गेंद पैड से टकराकर फाइन लेग की ओर गई और बल्लेबाज सिर्फ एक रन ही ले सके.
इसके साथ ही जापान की ऐतिहासिक उलटफेर की उम्मीद खत्म हो गई और भारत ने बेहद रोमांचक मुकाबला दो रन से अपने नाम कर लिया. जापानी बल्लेबाजों के चेहरों पर निराशा साफ दिखी- उन्हें यकीन था कि वे क्रिकेट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक के बेहद करीब पहुंच चुके थे.
आखिरी ओवर में वाइड ने भी बढ़ाया ड्रामा
अंतिम ओवर में ड्रामा तब और बढ़ गया जब अंपायर क्रिस थर्गेट ने रिवर्स स्लॉग खेलने की कोशिश कर रहे बाएं हाथ के पैटमोर के खिलाफ लगातार दो गेंदों को वाइड दे दिया. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से आपत्ति जताई.
दूसरी वाइड का फैसला आखिरकार पलट दिया गया. यानी मैच के आखिरी पलों में भारत सिर्फ जापानी बल्लेबाजों से ही नहीं, बल्कि हर गेंद के फैसले से जूझ रहा था.
वैभव बाहर, लेकिन मैच ने दूसरा सवाल खड़ा कर दिया
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला. लेकिन पांच ओवर के मैच में भारत की बल्लेबाजी जिस तरह 32 रनों पर रुक गई, उससे यह सवाल जरूर उठा कि क्या टीम को परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव की जरूरत थी.
हालांकि, इस मैच को सिर्फ जापान की ‘चौंकाने वाली चुनौती’ के तौर पर देखना भी सही नहीं होगा. पांच ओवर का मुकाबला, नमी वाली टर्निंग पिच और धीमी आउटफील्ड ने दोनों टीमों के बीच अनुभव का अंतर काफी हद तक कम कर दिया था.
भारत ने अंततः मैच जीत लिया, लेकिन जिस टीम से एकतरफा मुकाबले की उम्मीद थी, उसे जापान ने आखिरी ओवर तक पसीना जरूर छुड़ा दिया...और इस मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा स्कोर की नहीं, बल्कि उस फैसले की हो सकती है- जब वैभव जैसा विस्फोटक बल्लेबाज बाहर बैठा था, तब क्या संजू-अभिषेक की जोड़ी को ही जारी रखना जरूरी था?
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क