भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई को टी20 सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया. इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से ऐसा गदर मचाया कि विरोधी टीम के पसीने छूट गए. टॉस जीतकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 20 ओवरों में 7 विकेट पर महज़ 125 रनों पर रोक दिया.
वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे के मैदान पर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया. जिम्बाब्वे के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए सूर्यवंशी ने अपने चौथे टी20 मैच में ही एक ऐसा रिकॉर्ड हासिल कर लिया, जिसे पाना दिग्गज खिलाड़ियों का सपना होता है. सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़कर वैभव ने एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी है.
सचिन तेंदुलकर को पछाड़ा
सचिन तेंदुलकर ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 213 दिन की उम्र में अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय फिफ्टी लगाई थी. वैभव सूर्यवंशी ने अब भारत के लिए सबसे कम उम्र में हाफ-सेंचरी लगाने का उनका दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वैभव ने अपनी धमाकेदार पारी की बदौलत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
रोहित शर्मा का टी20 रिकॉर्ड ध्वस्त
भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अब तक रोहित शर्मा (20 साल 143 दिन, T20 विश्व कप 2007) के नाम था, जिसे सूर्यवंशी ने आसानी से अपने नाम कर लिया. इतना ही नहीं, उन्होंने जिब्राल्टर के लुईस ब्रूस (16 साल 56 दिन) का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर टी20 इतिहास में दुनिया के सबसे युवा अर्धशतकवीर बनने का करिश्मा किया.
126 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. ब्लेसिंग मुज़ारबानी के पहले ओवर में खुद को संभालने के बाद उन्होंने रिचर्ड नगारवा, ब्रैड इवांस और मुज़ारबानी को निशाने पर लिया. उन्होंने अपनी इस पारी में 4 चौके और 4 छक्के जड़े. 263.15 के दमदार स्ट्राइक रेट से रन बनाते हुए उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क