भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे दिन का खेल ढाई घंटे से भी ज्यादा देरी से शुरू हुआ. लेकिन जब टीम इंडिया क्रीज पर उतरी तो इरादे साफ थे. देवदत्त पडिक्कल के 167 रनों की आतिशी पारी और ध्रुव जुरेल के अर्धशतक ने मैच को भारत की तरफ झुका दिया है.
हालांकि, दूसरे दिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने 7 विकेट जरूर झटके. दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 9 विकेट पर 460 रनों का पहाड़ खड़ा कर मैच पर अपना शिकंजा कस लिया है. बारिश के बाद खेल दोबारा शुरू होने के बाद ऋषभ पंत से फैन्स को बड़ी पारी की उम्मीद थी.
बारिश के कारण पिच से गेंदबाजों को फायदा मिल रहा था. ऐसे में क्रीज पर टिककर नई गेंद का सामना करना समय की मांग थी. लेकिन पंत ने एक बार फिर वही किया जिसके लिए हाल के दिनों में उनकी कड़ी आलोचना हो रही है. 27 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे पंत महज 39 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.
नहीं बदल रहा है पंत के आउट होने का तरीका
पंत के आउट होने का तरीका फैन्स को सबसे ज्यादा चुभ रहा है. श्रीलंकाई ऑफ-स्पिनर केशरा नुवांता के सामने पंत शुरू से ही असहज दिख रहे थे. गेंदबाज ने चतुराई दिखाते हुए गेंद को थोड़ा हवा दी और पंत इस लालच में फंस गए. कदम निकालकर बाहर निकलती गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में पंत ने अपना विकेट फेंक दिया. टाइमिंग सही नहीं बैठी और मिड-ऑफ पर तैनात सोनल दिनुषा ने दौड़ते हुए आसान सा कैच लपक लिया.
फैन्स कर रहे हैं शॉट की आलोचना
इस खराब शॉट सेलेक्शन के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का गुस्सा फूट पड़ा. कई क्रिकेट फैन्स ने पंत की तुलना ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस से कर दी. निक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिसके पास प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन अपनी बेपरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण वह कभी अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं कर पाए.
गंभीर की सलाह या दबाव?
दिलचस्प बात यह है कि इस नाकामी के बाद कुछ फैन्स ने हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद गंभीर ने पंत के आक्रामक अंदाज को थोड़ा नियंत्रित करने और जिम्मेदारी से खेलने की सलाह दी थी. अब कुछ लोगों का मानना है कि पंत का स्वाभाविक खेल बदलने की इस कोशिश ने उन्हें मानसिक रूप से उलझा दिया है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क