भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद अब न्यूजीलैंड दौरे के लिए तैयार है. भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ कुल 12 मुकाबले खेलने हैं. छह हफ्तों तक चलने वाले इस दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज के साथ हो रही है.
टी20 सीरीज के मैच क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, ऑकलैंड और हैमिल्टन जैसे मैदानों पर खेले जाएंगे. लेकिन इस दौरे को लेकर मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर और एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने एक बड़ा मुद्दा उठाया. हर्षा के मुताबिक टीम ने कई खिलाड़ियों को मौका दिया, लेकिन फॉर्मेट के हिसाब से चूक भी नजर आई.
दरअसल, तीनों ही फॉर्मेट (टी20, वनडे और टेस्ट) के लिए टीम में कई नए चेहरों और अलग-अलग खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. टेस्ट टीम में आकिब नबी का नाम नहीं होने पर हर्षा भोगले ने ऐतराज जताया. नबी ने घरेलू क्रिकेट में लाल गेंद से कमाल का प्रदर्शन किया था. ऐसे में वह न्यूजीलैंड की पिच पर टीम के लिए घातक साबित हो सकते हैं.
हर्षा भोगले के मुताबिक अलग-अलग फॉर्मेट में कुछ नए चेहरों को टीम इंडिया में शामिल किया गया है. वहीं इंडिया-ए की अलग टीम का ऐलान भी साथ किया गया था. हर्षा के मुताबिक न्यूजीलैंड में भारतीय टीम को प्लेइंग इलेवन का चयन बहुत सोच-समझकर करना होगा.
'घरेलू क्रिकेट में तो विकेट मिल रहे, लेकिन असली टेस्ट का क्या?'
दूसरी तरफ मोहम्मद शमी रणजी ट्रॉफी और घरेलू मुकाबलों में लगातार विकेट चटका रहे हैं. फैन्स चिल्ला-चिल्लाकर पूछ रहे हैं कि शमी को टीम इंडिया में जगह क्यों नहीं मिल रही?
इस पर हर्षा भोगले ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट को करीब से ट्रैक करने वाले जानकारों की राय कुछ और ही है. जानकारों का मानना है कि शमी अपने अनुभव के दम पर घरेलू बल्लेबाजों को तो आउट कर रहे हैं, लेकिन जब स्पेल लंबा खिंचता है तब उनकी रफ्तार और धार थोड़ी धीमी पड़ती दिखती है.
सवाल यह उठाया जा रहा है कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे स्पेल झेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं? हर्षा का कहना है कि अगर शमी को ड्रॉप किया जा रहा है तो बोर्ड को उनके साथ सीधी और साफ बातचीत रखनी चाहिए.
भुवनेश्वर कुमार को लेकर भी तोड़ी चुप्पी
इसके साथ टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार के नाम की चर्चा ने भी सबको चौंकाया. हर्षा का मानना है कि भुवी सिर्फ 4 ओवर की गेंदबाजी वाले इस फॉर्मेट के लिए खुद को फिट रख रहे हैं. भुवी की वापसी को देखकर शमी जैसे गेंदबाज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं.
पंत की चोट बड़ी समस्या
ऋषभ पंत की लगातार फिटनेस समस्याएं और चोट टीम के लिए बड़ा झटका हैं. पंत को सिर्फ टेस्ट बैटर की तरह ट्रीट किया जा रहा है, जबकि वह अकेले दम पर मैच पलटने का माद्दा रखते हैं. वनडे कप्तान होने के नाते गिल पहले तीन वनडे खेलेंगे. लेकिन इसके चक्कर में उन्हें लाल गेंद से अभ्यास का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा, क्योंकि तब तक इंडिया-ए के प्रैक्टिस मैच खत्म हो चुके होंगे.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क