IND vs PAK, U19 Asia Cup 2026: रविवार (8 नवंबर) को अल अमेरात के अल अमेरात क्रिकेट ग्राउंड (मिनिस्ट्री टर्फ 2) में भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया अंडर-19 एशिया कप 2026 में ब्लॉकबस्टर मुकाबला खेला गया.
इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए अर्जुन राजपूत ने गदर काट दिया. अर्जुन ने 82 गेंदों पर 107 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 11 चौके और 5 छक्के शामिल रहे.खास बात यह रही कि जब दूसरे भारतीय बल्लेबाज रन बनाने के लिए जूझ रहे थे, तब अर्जुन ने पाकिस्तानी गेंदबाजों का डटकर सामना किया.
अर्जुन राजपूत ने सिर्फ 80 गेंदों पर शतक जड़ा, जो उनके तूफानी अंदाज को बयां करता है. अर्जुन के शतक की बदौलत भारतीय टीम ने इस मैच में 208 रन बनाए. भारत की ओर से दूसरा सर्वाधिक स्कोर काव्य पटेल का रहा, जिन्होंने 23 रन बनाए.
पिता ने बेचे छोले-कुलचे
अर्जुन राजपूत की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार की वर्षों की मेहनत और कई लोगों का सहयोग रहा है. जालंधर में उनके पिता होती राम ने परिवार का पेट पालने के लिए लंबे समय तक सड़क किनारे छोले-कुलचे का ठेला लगाया. होती राम सुबह जल्दी उठकर खाना तैयार करते और दिनभर ठेले पर ग्राहकों का इंतजार करते थे.
परिवार की आमदनी का यही एकमात्र साधन था. करीब एक साल पहले उन्होंने ठेला बंद कर छोटी बेकरी शुरू की, जहां से अब कुलचे तैयार कर डिलीवर करते हैं. सीमित कमाई में घर चलाना और बच्चों की फीस भरना आसान नहीं था. कई बार होती राम को रिश्तेदारों और पड़ोसियों से कर्ज लेना पड़ा.
अर्जुन राजपूत ने सात साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. जालंधर के हरभजन सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट में उन्होंने शुरुआती ट्रेनिंग ली. लेकिन कुछ साल बाद अकादमी बंद हो गई और कोच भी वहां से चले गए. ऐसे में उनकी क्रिकेट ट्रेनिंग रुकने का खतरा पैदा हो गया.
विक्रम सिद्धू ने की अर्जुन की मदद
तभी विक्रम सिद्धू ने उनकी मदद की. वह पहले अर्जुन को ट्रेनिंग दे चुके थे. सिद्धू ने उनका दाखिला एक प्रतिष्ठित स्कूल में कराया और प्रबंधन से फीस माफ करने का अनुरोध किया. स्कूल ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिससे अर्जुन की पढ़ाई और क्रिकेट दोनों जारी रह सके.
अर्जुन राजपूत ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके परिवार ने कभी उन्हें क्रिकेट छोड़ने या नौकरी करने के लिए नहीं कहा. उन्होंने अपने पिता को रोज मेहनत करते और मां को कम संसाधनों में घर संभालते देखा. यही त्याग उनके लिए प्रेरणा बना. अर्जुन ने कहा, 'मेरे परिवार ने मुझे कभी अपने संघर्षों का एहसास नहीं होने दिया, लेकिन मैं उनके त्याग को महसूस कर सकता था. वे चाहते थे कि मैं सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं."
पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाने वाले अर्जुन को आगामी श्रीलंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम में भी चुना गया है. उनके पिता अब भी बेकरी के जरिए परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और कुछ कर्ज चुकाना बाकी है. हालांकि, अर्जुन की क्रिकेट में तरक्की ने परिवार को बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क