0 हार, 6 टेस्ट... अज‍िंक्य रहाणे ने कप्तानी में बनाया ऐसा रिकॉर्ड, जो हर किसी के बस की बात नहीं

अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेते हुए भारतीय क्रिकेट का एक बेहद दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम छोड़ा. उन्होंने भारत की कप्तानी में खेले छह टेस्ट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया. 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद चोटों से जूझ रही टीम को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है.

Advertisement
गाबा जीत के हीरो रहाणे (एकदम बाएं ) का संन्यास, टेस्ट कप्तानी का ऐसा रिकॉर्ड छोड़ गए जो आज भी अटूट (Photo: AFP) गाबा जीत के हीरो रहाणे (एकदम बाएं ) का संन्यास, टेस्ट कप्तानी का ऐसा रिकॉर्ड छोड़ गए जो आज भी अटूट (Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेते हुए अपने पीछे एक ऐसा कप्तानी रिकॉर्ड छोड़ा है, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे दुर्लभ आंकड़ों में गिना जाएगा. रहाणे ने भारत की कप्तानी में छह टेस्ट मैच खेले और इनमें एक भी मुकाबला नहीं हारे. उनके खाते में चार जीत और दो ड्रॉ दर्ज हैं.

रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहा. उन्होंने लिखा, कैप 278 साइन‍िंग ऑफ, इतने सालों तक आपने जो प्यार दिया और सपोर्ट किया, उसके लिए धन्यवाद, हमेशा आभारी रहूंगा. 

Advertisement

भारतीय टेस्ट इतिहास में अब तक 38 खिलाड़ियों ने कप्तानी की है, लेकिन उनमें सिर्फ चार कप्तान ऐसे रहे, जिन्हें अपने कप्तानी करियर में हार का सामना नहीं करना पड़ा.

  • अजिंक्य रहाणे:  6 टेस्ट, 4 जीत, 2 ड्रॉ
  • कृष्णमाचारी श्रीकांत: 4 टेस्ट, 4 ड्रॉ
  • रवि शास्त्री:  1 टेस्ट, 1 जीत
  • हेमू अधिकारी: 1 टेस्ट, 1 ड्रॉ

इन चारों में रहाणे सबसे अलग इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने विदेश में भारत को ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जिताई.

36 रन के सदमे के बाद बदली पूरी कहानी
रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही. एडिलेड टेस्ट में भारत दूसरी पारी में सिर्फ 36 रन पर सिमट गया था. इसके बाद नियमित कप्तान विराट कोहली पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट गए. दूसरी ओर कई खिलाड़ी चोटिल थे और टीम का मनोबल भी टूट चुका था. ऐसे हालात में रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में 112 रन की कप्तानी पारी खेलते हुए भारत को शानदार जीत दिलाई. इस जीत ने पूरी सीरीज की दिशा बदल दी.

Advertisement

युवा टीम के साथ गाबा में रचा इतिहास
सीरीज आगे बढ़ने के साथ भारत की मुश्किलें बढ़ती गईं. मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा और हनुमा विहारी जैसे कई अहम खिलाड़ी चोटिल हो गए. टीम को मोहम्मद सिराज, शुभमन गिल, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर और टी. नटराजन जैसे अपेक्षाकृत अनुभवहीन खिलाड़ियों पर भरोसा करना पड़ा.

रहाणे की शांत कप्तानी और युवा खिलाड़ियों पर भरोसे का ही नतीजा था कि भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर 328 रन का लक्ष्य हासिल कर तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया का गाबा में 32 साल से चला आ रहा अजेय रिकॉर्ड भी टूट गया और भारत ने 2-1 से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली.

वनडे कप्तानी में भी नहीं मिली हार
रहाणे का कप्तानी रिकॉर्ड सिर्फ टेस्ट तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने भारत की कप्तानी में तीन वनडे मुकाबले खेले और तीनों जीते. भारत के वनडे इतिहास में बिना हार के कप्तानी खत्म करने वाले कप्तानों की सूची में भी उनका नाम शामिल है.

  • अजिंक्य रहाणे: 3 मैच, 3 जीत
  • गौतम गंभीर: 6 मैच, 6 जीत
  • अनिल कुंबले :1 मैच, 1 जीत
  • मोहिंदर अमरनाथ: 1 मैच, 1 नो रिजल्ट

हालांकि टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने दो मैचों में कप्तानी की, जिसमें एक जीत और एक हार मिली. यानी तीनों फॉर्मेट मिलाकर कप्तान के तौर पर खेले 11 इंटरनेशनल मुकाबलों में उन्हें सिर्फ एक हार का सामना करना पड़ा.

Advertisement

कप्तानी में बल्ले से भी निभाई जिम्मेदारी
रहाणे ने कप्तान रहते हुए छह टेस्ट में 359 रन बनाए. उनका एवरेज 39.88 रहा और मेलबर्न में खेली गई 112 रन की पारी उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में गिनी जाती है. अपने इंटरनेशनल करियर में रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. उन्होंने तीनों फॉर्मेट मिलाकर 8400 से ज्यादा रन बनाए और 15 इंटरनेशनल शतक लगाए.

शांत स्वभाव, लेकिन ऐतिहासिक विरासत
अजिंक्य रहाणे कभी सुर्खियों के पीछे नहीं भागे. उनकी पहचान हमेशा शांत स्वभाव, संयम और टीम को साथ लेकर चलने वाले खिलाड़ी की रही. 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद बिखरी टीम को संभालना और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सीरीज जिताना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी. इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई के साथ रहाणे ने ऐसा कप्तानी रिकॉर्ड छोड़ दिया है, जो सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रेरणादायक अध्यायों में हमेशा याद किया जाएगा.

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »