एशियन गेम्स में एक 11 साल के खिलाड़ी ने ऐसा कारनामा कर दिया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया है. जापान के एलीमेंट्री स्कूल स्टूडेंट युकी कुरिहारा ने ई-स्पोर्ट्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. खास बात ये है कि युकी भारत के स्टार बैटर वैभव सूर्यवंशी से भी छोटे हैं. वैभव 15 साल के हैं.
युकी ने शनिवार को ई-स्पोर्ट्स के पुयो पुयो चैम्पियंस के फाइनल में दक्षिण कोरिया के कांग डोंगशिन को 10-2 से मात दी. इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने थाईलैंड के 28 साल के तनारक वोंगकितिकुन को 10-1 से हराया.
बचपन से ही गेमिंग का जुनून
युकी को ईल (Eel) खाना पसंद है और वह किंडरगार्टन के समय से ही इस खेल में अपनी जगह बनाने लगे थे. जापानी मीडिया के मुताबिक, वह रोज करीब 8 घंटे ट्रेनिंग करते हैं. इसके साथ ही वह स्कूल की पढ़ाई में भी फोकस करते हैं.
युकी को एशियन गेम्स के इतिहास का सबसे कम उम्र का गोल्ड मेडलिस्ट माना जा रहा है. एशियन गेम्स की शुरुआत 1951 में नई दिल्ली में हुई थी. हालांकि, सबसे कम उम्र के पदक विजेताओं का कोई आधिकारिक सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है.
गोल्ड मेडल देखकर बोले- बहुत सुंदर है
गोल्ड जीतने के बाद 11 साल के युकी ने अपनी खुशी भी बेहद मासूम अंदाज में जाहिर की. उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल बहुत सुंदर, चमकदार और भारी है. साथ ही उन्हें इसके साथ मिला गोल्ड रंग का प्लश टॉय भी काफी पसंद आया.
एशियन गेम्स में ई-स्पोर्ट्स की शुरुआत तीन साल पहले चीन के हांगझोऊ में हुई थी. तब इसकी पॉपुलेरिटी का अंदाजा इसी से लगा था कि टिकट लॉटरी के जरिए बेचे गए थे. जापान में भी ई-स्पोर्ट्स को काफी पसंद किया जाता है.
एशियन गेम्स में छा रही कम उम्र
इस बार एशियन गेम्स में युवा खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिल रहा है. हॉन्ग कॉन्ग के 12 साल के कमुस वोंग स्केटबोर्डिंग में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि चीन की 13 साल की यू जिदी ने स्विमिंग में तीन गोल्ड मेडल जीते हैं.
वहीं, जापान के 17 साल के तैराक शिन ओहाशी को इस उम्र के बीच 'सीनियर' कहा जा सकता है. उन्होंने गुरुवार को 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.
गौर करने वाली बात ये भी है कि इंडोनेशिया की बुंगा न्यामस ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 12 साल की उम्र में महिला स्केटबोर्डिंग में ब्रॉन्ज जीता था. चीन की कुई चेनशी ने 13 साल की उम्र में हांगझोउ एशियन गेम्स में महिला स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग का गोल्ड जीता था.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क