एशियन गेम्स 2026 में जिस चीज का इंतजार पूरा भारत कर रहा था, वो दिन आ गया. भारत को शूटिंग में पहला गोल्ड मिल गया है. 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने शुक्रवार (25 सितंबर) को यह कामयाबी हासिल की. यह भारत का एशियन गेम्स 2026 में दूसरा गोल्ड मेडल है.
खास बात यह है कि गोल्ड दिलाने वाली इस जोड़ी का हरियाणा से खास कनेक्शन है. सुरुचि झज्जर की रहने वाली हैं, जबकि कमलजीत का ताल्लुक रेवाड़ी के सुलखा से है.
कौन हैं सुरुचि सिंह?
28 अप्रैल 2006 को जन्मी सुरुचि सिंह झज्जर की रहने वाली हैं. उनका ट्रेनिंग बेस झज्जर है. उन्होंने महज 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की थी. शुरुआत में उन्हें कुश्ती आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था, क्योंकि उनके परिवार की खेलों में मजबूत पृष्ठभूमि रही है. हालांकि बाद में उन्होंने भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की.
सुरुचि ने 2025 में सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर शानदार पहचान बनाई. उन्होंने ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड जीते. लीमा वर्ल्ड कप में उन्होंने सौरभ चौधरी के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड हासिल किया.
2025 के ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में दोहा में सुरुचि ने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता. इस दौरान उन्होंने 245.1 का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया.
2026 में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा. उन्होंने म्यूनिख ISSF वर्ल्ड कप में फिर गोल्ड जीता. इसी साल नई दिल्ली में एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में उन्होंने सम्राट राणा के साथ सिल्वर मेडल जीता था.
कौन हैं शूटर कमलजीत?
कमलजीत का जन्म 22 अगस्त 2003 को हुआ. वह हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुलखा गांव से आते हैं. वह 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ 50 मीटर पिस्टल में भी निशाना लगाते हैं. उनका ट्रेनिंग बेस 10X शूटिंग अकादमी, सुलखा है.
कमलजीत ने 2019 में शूटिंग शुरू की. इससे पहले वह ट्रैक एंड फील्ड एथलेटिक्स में थे, लेकिन चोट लगने के बाद उन्हें वह करियर छोड़ना पड़ा.
शूटिंग के शुरुआती दिनों में उनके सामने आर्थिक चुनौतियां भी थीं. मिडिल क्लास परिवार से आने वाले कमलजीत को कोचिंग, कोर्स फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च खुद संभालना पड़ा. एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने खेल छोड़ने के बारे में सोचा. हालांकि उनके माता-पिता लगातार उनके साथ खड़े रहे और जरूरत की चीजें उपलब्ध कराते रहे.
इसके बाद दो-तीन साल की मेहनत में उन्होंने इन चुनौतियों को पीछे छोड़ा और इंटरनेशनल शूटिंग में अपनी जगह बनाई.
2023 में कमलजीत ने चांगवॉन में ISSF जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर पुरुष व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीता. उन्होंने 544 का स्कोर किया. इसी इवेंट में उन्होंने अंकित तोमर और संदीप बिश्नोई के साथ टीम स्पर्धा में गोल्ड भी जीता.
उसी साल बाकू में 53वीं ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 50 मीटर पिस्टल पुरुष टीम इवेंट में रविंदर सिंह और विक्रम जगन्नाथ शिंदे के साथ ब्रॉन्ज जीता.
2025 में काहिरा में ISSF वर्ल्ड चैम्पियनशिप राइफल/पिस्टल में 50 मीटर पिस्टल पुरुष टीम इवेंट में रविंदर सिंह और योगेश कुमार के साथ सिल्वर हासिल किया.
2026 की नई दिल्ली एशियन चैम्पियनशिप में भी कमलजीत ने 50 मीटर पिस्टल पुरुष व्यक्तिगत इवेंट में 561 के स्कोर के साथ सिल्वर जीता था.
अब सुरुचि सिंह और कमलजीत ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम का गोल्ड जीतकर भारत के खाते में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ दी है.
कृष्ण कुमार