भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है. मीराबाई ने महिला 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. एशियन गेम्स के इतिहास में यह उनका पहला पदक है. महिला 49 किग्रा वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. गोल्ड मेडल डेमोक्रेटिक रिपल्बिक ऑफ कोरिया की री सॉन्ग गुम ने जीता.
मीराबाई के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह मेडल से चूक गई थीं और चौथे स्थान पर रही थीं. इस बार उन्होंने उस कमी को पूरा करते हुए सिल्वर पर कब्जा जमाया.
इस पदक के साथ मीराबाई चानू ने भारतीय वेटलिफ्टिंग की दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी की भी बराबरी कर ली है. मीराबाई कर्णम मल्लेश्वरी के बाद दूसरी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई हैं, जिन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैम्पियनशिप , एशियन और कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप जैसे बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में पदक जीते हैं.
मीराबाई के करियर में ओलंपिक का सिल्वर, वर्ल्ड चैम्पियनशिप के गोल्ड और सिल्वर तथा कॉमनवेल्थ गेम्स के कई गोल्ड मेडल शामिल हैं. एशियन गेम्स का सिल्वर उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है.
टोक्यो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट ने कुल 198kg वजन उठाया, जिसमें उन्होंने स्नैच में 88kg और क्लीन एंड जर्क में 111kg वज़न उठाया. उन्होंने 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद भारत के लिए एशियन गेम्स में पहला वेटलिफ्टिंग मेडल जीता.
दो बार की वर्ल्ड चैम्पियन नॉर्थ कोरिया की री सॉन्ग गूम ने 215kg (94kg+121kg) में उम्मीदों पर खरा उतरते हुए रिकॉर्ड तोड़ परफॉर्मेंस के साथ गोल्ड जीता और एशियन गेम्स टाइटल्स की हैट्रिक पूरी की.
चानू ने स्नैच में 83kg से शुरुआत की और फिर अपनी अगली दो कोशिशों में 85kg और 87kg को सफलतापूर्वक क्लियर किया, और कॉम्पिटिशन का पहला हाफ तीसरे स्थान पर खत्म किया.इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111kg का बेस्ट लिफ्ट किया और पिछली दो बार बाल-बाल बचने के बाद आखिरकार एशियन गेम्स मेडल अपने नाम कर लिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क