तिरंगा थामते ही भावुक हुईं मनु भाकर, दिवंगत कोच जसपाल राणा को किया याद

पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु भाकर अब एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी. नागोया में उनके सामने अगली बड़ी चुनौती शूटिंग रेंज में अपने प्रदर्शन को पदक में बदलने की होगी.

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भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर. (Photo: PTI) भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर. (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नागोया,
  • 20 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:01 AM IST

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी मनु भाकर के लिए एक बेहद खास पल था. भारतीय दल की ध्वजवाहक के तौर पर तिरंगा थामने के बाद वह भावुक हो गईं और अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा को याद किया. स्टार निशानेबाज मनु ने कहा कि इतने खास मौके पर राणा का उनके साथ न होना उन्हें काफी खला.

सेरेमनी के बाद मनु भाकर ने कहा, 'जसपाल सर की बहुत याद आई. उनके मेरे साथ न होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था.' जसपाल राणा भारत के पूर्व चैम्पियन शूटर और बाद में सफल कोच रहे. मनु के करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने इस निशानेबाज को तकनीकी के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी तैयार किया. पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु के दो कांस्य पदक जीतने में राणा का मार्गदर्शन अहम रहा था.

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11 जून 2026 को 49 साल की उम्र में जसपाल राणा का निधन हो गया था. राणा के निधन के बाद यह पहला बड़ा मौका था, जब मनु भाकर किसी बहु-खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व कर रही थीं. मनु भाकर ने पहले बताया था कि जसपाल राणा उन्हें बहु-खेल आयोजनों की ओपनिंग सेरेमनी को लेकर एक खास सलाह देते थे.
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उनका मानना था कि अगर प्रतियोगिता जल्द शुरू होनी है तो खिलाड़ी को समारोह के बजाय अपनी ऊर्जा बचाने पर ध्यान देना चाहिए. राणा ने मनु से कहा था कि उन्हें ओपनिंग सेरेमनी में तभी हिस्सा लेना चाहिए, जब वह भारतीय दल की ध्वजवाहक हों. अन्यथा टीवी पर समारोह देखना और प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार रखना बेहतर है.
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2018 एशियन गेम्स में मनु इसी वजह से ओपनिंग सेरेमनी का हिस्सा नहीं बनी थीं. उस समय वह पालेमबांग में थीं, जबकि मुख्य एथलीट्स विलेज जकार्ता में था.

राणा के निधन से टूटीं मनु भाकर
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को वही मनु भाकर भारतीय दल की अगुवाई करती नजर आईं. 24 साल की शूटर के लिए यह उनके करियर के उन पलों में से एक था, जिसकी कल्पना उनके शुरुआती दिनों में राणा ने भी की थी. इसी वजह से समारोह के दौरान उनकी भावनाएं और गहरी हो गईं. जिस उपलब्धि के लिए कभी जसपाल राणा ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी थी, उस मौके पर उनका साथ ना होना मनु के लिए सबसे भावुक पहलू रहा.

सेरेमनी के बाद मनु भाकर का पूरा ध्यान प्रतियोगिता पर होगा. वह एशियन गेम्स में महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी.

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