जापान में गुलवीर सिंह का जलवा लगातार जारी है. भारत के स्टार डिस्टेंस रनर ने मंगलवार को पुरुषों की 5000 मीटर रेस में 13:32.75 का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही गुलवीर ने 2026 एशियन गेम्स में पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली. इस एशियन गेम्स में तीन अलग-अलग ट्रैक इवेंट में तीन पदक जीतकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया.
गुलवीर इससे पहले पुरुषों की 1500 मीटर और 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीत चुके थे. यानी जापान में ट्रैक पर उतरते ही गुलवीर ने हर बार भारत के लिए पोडियम फिनिश हासिल किया. 1500 मीटर में सिल्वर, 10,000 मीटर में सिल्वर और अब 5000 मीटर में ब्रॉन्ज-तीन रेस, तीन पदक.
लैवी पिंटो के बाद दूसरे भारतीय पुरुष
5000 मीटर का ब्रॉन्ज गुलवीर के लिए सिर्फ एक और पदक नहीं है. इसके साथ वह एक ही एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड के तीन पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं.
इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ लैवी पिंटो के नाम थी. 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियन गेम्स में Pinto ने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड मेडल जीता था, जबकि 4x100 मीटर रिले में सिल्वर अपने नाम किया था.
महिला एथलीटों की बात करें तो पीटी उषा का 1986 Seoul Games का शानदार रिकॉर्ड अब भी कायम है. Usha ने वहां चार गोल्ड और एक सिल्वर समेत कुल पांच पदक जीते थे. वहीं केएम बीनामोल ने 2002 Busan एशियन गेम्स में तीन पदक अपने नाम किए थे.
कॉमनवेल्थ में भी रचा था इतिहास
गुलवीर का नाम अब सिर्फ एशियन गेम्स तक सीमित नहीं है. भारत के प्रमुख डिस्टेंस रनर और पुरुषों की 5000 मीटर के मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने 2026 Glasgow Commonwealth Games में भी इतिहास रचा था. उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इस स्पर्धा में Commonwealth Games पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया था.
इसके अलावा गुलवीर पिछले साल South Korea के Gumi में आयोजित Asian Athletics Championships में 5000 मीटर का गोल्ड मेडल भी जीत चुके हैं.
यानी गुलवीर का सफर अब सिर्फ रिकॉर्ड बनाने तक नहीं रुक रहा. एशियन गेम्स में तीन पदकों की हैट्रिक ने बता दिया है कि भारतीय डिस्टेंस रनिंग में गुलवीर का नाम अब इतिहास के पन्नों में और गहराई से दर्ज हो चुका है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क