पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और समान पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल मां, पत्नी या बेटी की भूमिका तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। मनुस्मृति का हवाला देते हुए उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता पर जोर दिया और कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत महिलाओं के सपने, प्रतिभा और आत्मविश्वास हैं।