रविवार की सुबह तक वीकेंड का मजा लेने वाले कई लोगों की बेचैनी शाम होते-होते बढ़ने लगती है. अगले दिन ऑफिस, अधूरे काम और मीटिंग्स की चिंता छुट्टी का आखिरी दिन भी तनावपूर्ण बना देती है. इसी एहसास को संडे स्केयरीस कहा जाता है. जेन जी के कई युवाओं के लिए काम या पढ़ाई की दिनचर्या में लौटना मुश्किल हो सकता है. जानिए इसके कारण और इससे निपटने के आसान तरीके.