MP के सीहोर के रूठिया परिवार का दावा है कि उनके दादा ने 1917 में ब्रिटिश सरकार को ₹35 हजार कर्ज दिया था. 109 साल बाद परिवार ने ब्याज समेत रकम लौटाने का कानूनी नोटिस भेजा. ब्रिटिश सरकार की ओर से पुराने दस्तावेज और परिवार की जानकारी मांगी गई है.