देश में मॉनसून एक बार फिर करवट लेने वाला है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में 13 अगस्त के आसपास नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके साथ देश के बीच और पूर्वी हिस्सों में एक और मौसम सिस्टम सक्रिय है. इन दोनों के असर से 13 और 14 अगस्त को ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश हो सकती है. 15 अगस्त को बारिश पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंच सकती है.
इसके बाद 16 अगस्त से मॉनसून की ट्रफ यानी बारिश लाने वाली पट्टी उत्तर की ओर खिसक सकती है. इसके बिहार, नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तलहटी के पास पहुंचने का अनुमान है. ऐसा होने पर इन इलाकों और हिमालय के पास ज्यादा बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बारिश कम हो सकती है. यह स्थिति करीब 20 अगस्त तक रह सकती है.
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13 से 15 अगस्त तक यहां होगी बारिश
13 और 14 अगस्त को ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मॉनसून ज्यादा सक्रिय रहेगा. इन राज्यों में कई जगह भारी बारिश हो सकती है. 15 अगस्त को बारिश का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बढ़ सकता है.
मौसम के जानकारों के मुताबिक, नया लो प्रेशर पिछले सिस्टम की तरह देश के अंदर काफी दूर तक नहीं जाएगा. इसके उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है. इसी वजह से आगे मॉनसून की ट्रफ की जगह काफी अहम हो जाएगी.
16 अगस्त से पहाड़ों में बढ़ेगी बारिश
16 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है. बारिश का यह दौर 20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है.
हिमालय की तलहटी में बारिश सबसे ज्यादा तेज हो सकती है. उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार के तलहटी वाले इलाकों में बहुत भारी बारिश का खतरा है. इन जगहों पर लोगों को मौसम की जानकारी और स्थानीय अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए.
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कई राज्यों में कमजोर रहेगा मॉनसून
अगर मॉनसून की ट्रफ 16 अगस्त के बाद उत्तर में बनी रहती है तो देश के बाकी हिस्सों में बारिश कम हो सकती है. पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत में मॉनसून की गतिविधि काफी कमजोर रहने का अनुमान है. इसे मॉनसून में ब्रेक जैसी स्थिति कहा जाता है.
फिलहाल 21 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में किसी बड़े नए सिस्टम के बनने के संकेत नहीं हैं. हालांकि मौसम सिस्टम की दिशा बदलने पर बारिश का अनुमान भी बदल सकता है. इसलिए आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी और मॉनसून की ट्रफ पर नजर रखी जाएगी.
आजतक साइंस डेस्क