Ishan Kona Vastu Tips: घर में भगवान शिव का स्थान है ये दिशा, यहां भूलकर भी न रखें ये 4 अशुभ चीजें

घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में बनाना सबसे शुभ माना जाता है. यह दिशा देवताओं का स्थान (शिवजी का स्थान) मानी जाती है. इस दिशा में भारी सामान, कबाड़, अनुपयोगी वस्तुएं या गंदगी जमा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है.

Advertisement
घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में बनाना सबसे शुभ माना जाता है. (Photo: ITG) घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में बनाना सबसे शुभ माना जाता है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST

वास्तु में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को घर का सबसे पवित्र और संवेदनशील भाग माना जाता है. यह दिशा ज्ञान, आध्यात्मिकता, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्पष्टता से जुड़ी होने के साथ आपकी बुद्धि और विवेक को भी दर्शाती है. इसी कारण इस हिस्से को हमेशा साफ, हल्का और व्यवस्थित रखा जाना चाहिए. जिससे आप मानसिक रूप से भी खुद को हल्का और ताजगी भरा महसूस करें. इस दिशा में पूजा स्थल हो तो घर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक बना रहता है. आपकी बुद्धि हमेशा सही निर्णय लेती है.

Advertisement

उत्तर-पूर्व दिशा को जल तत्व और दिव्य ऊर्जा का क्षेत्र माना गया है. प्रतीकात्मक रूप से इसे व्यक्ति के मस्तिष्क, बुद्धि और निर्णय क्षमता से भी जोड़ते हैं. जिस प्रकार मस्तिष्क पूरे शरीर का संचालन करता है, उसी प्रकार घर का ईशान कोण पूरे भवन की ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. इसलिए इस भाग को स्वच्छ और खुला रखने पर विशेष बल दिया जाता है.

क्यों रखा जाता है उत्तर-पूर्व को हल्का और साफ?
उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान, कबाड़, अनुपयोगी वस्तुएं या गंदगी जमा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है. इससे घर के सदस्यों को मानसिक तनाव, निर्णय लेने में कठिनाई, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी और पारिवारिक असंतुलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यहां भारीपन या गंदगी होने से व्यक्ति तनाव और झुंझलाहट के कारण कई बार गलत निर्णय के कारण नुकसान कर बैठता है. साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण मानसिक सहजता और कार्यक्षमता में मदद कर सकता है. इस दिशा में पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश और ताजी हवा का प्रवेश हो. खुला, स्वच्छ और व्यवस्थित स्थान घर के वातावरण को अधिक सुखद बनाता है.

Advertisement

ईशान कोण में मंदिर क्यों माना जाता है शुभ?
घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में बनाना सबसे शुभ माना जाता है. यह दिशा देवताओं का स्थान (शिवजी का स्थान) मानी जाती है. यहां नियमित पूजा, ध्यान और मंत्र-जप करने से मन को शांति मिलती है, सकारात्मक सोच विकसित होती है और आध्यात्मिक वातावरण बनता है. ध्यान और प्रार्थना जैसी गतिविधियां व्यक्ति को मानसिक रूप से शांत और केंद्रित महसूस कराने में सहायक हो सकती हैं. 

किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा में शौचालय, भारी स्टोर रूम या अत्यधिक वजन वाले फर्नीचर नहीं रखने चाहिए. अन्यथा आप हमेशा अपने सिर पर बोझ सा ही महसूस करेंगे. इस भाग में हल्के रंगों का उपयोग, स्वच्छता और खुलापन बनाए रखना बेहतर है. यहां पानी से जुड़े तत्व, जैसे छोटा जलपात्र या पौधे शुभ माने जाते हैं, बशर्ते उनका रखरखाव ठीक से किया जाए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »