दुर्गा अष्टमी: सुहाग की रक्षा के लिए महिलाएं करें ये काम...

सुहाग की रक्षा के लिए महिलाएं नवरात्रि के 8वें दिन क्या करें, क्या है महागौरी की पूजा का विधान, कैसे करें कन्या पूजन जानें...

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माता महागौरी माता महागौरी

वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:27 AM IST

नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है. शिवजी को पति रूप में पाने के लिए मां ने कठोर तप किया था. तपस्या की वजह से माता का शरीर काला पड़ गया था.

शिवजी ने प्रसन्न होकर मां को स्वीकार किया और उन्हें गौर वर्ण प्रदान किया. तभी से माता का नाम महागौरी हो गया.

का स्वरूप अत्यंत शांत है. माता महागौरी गौर वर्ण है और इनकी चार भुजाएं हैं. एक हाथ अभयमुद्रा में है, एक हाथ में त्रिशूल है. एक हाथ में डमरू है और एक हाथ वरमुद्रा में है. माता महागौरी का वाहन वृषभ है.

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महागौरी की पूजा से क्या लाभ है

- मां का पूजन करने से असंभव दिखने वाले कार्य भी हो जाते हैं.

- महिलाएं सुहाग की रक्षा के लिए मां गौरी को चुनरी अर्पित करें.

- से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है.

- मां का पूजन करने से दुख और परेशानी पास नहीं आती है.

- महागौरी का पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

माता महागौरी के चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं. महागौरी के स्वरूप का ध्यान करें. माता को रोली, अक्षत, पुष्प अर्पित करें. महागौरी की आरती करें और भोग लगाएं. कम से कम 8 कन्याओं को भोजन कराएं

- सबसे पहले कन्याओं को घर आने का निमंत्रण दें.

- कन्याओं के घर पहुंचने पर उनका स्वागत प्रेम भाव से करें

- , उनके पैर धोएं

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- देवी का स्वरूप मान कर कन्याओं का पूजन करें

- , उनकी आरती करें

- कन्याओं को चुनरी भेंट करें

- कराएं, दक्षिणा दे कर प्रणाम करें

- खुशी-खुशी घर से विदा करें

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