Vipreet Rajyog 2026: 31 अक्टूबर तक कर्क राशि में एक्टिव रहेगा विपरीत राजयोग, 6 राशियों को धन लाभ!

Vipreet Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और संतान का कारक माना गया है. 2 जून से अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान देवगुरु बृहस्पति आगामी 31 अक्टूबर तक इसी राशि में बने रहेंगे, जिससे विपरीत राजयोग बन रहा है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को लाभ होगा.

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विपरीत राजयोग 2026 (Photo: ITG) विपरीत राजयोग 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

Vipreet Rajyog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 जून को देवगुरु बृहस्पति ने अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश किया था और वे 31 अक्टूबर तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र में जब गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करते हैं और विशेष भावों का संयोग बनता है, तो विपरीत राजयोग और हंस राजयोग जैसी अत्यंत शुभ स्थितियां निर्मित होती हैं. 31 अक्टूबर तक चलने वाले गुरु के इस उच्च गोचर और विपरीत राजयोग के प्रभाव से मुख्य रूप से इन राशियों को अचानक बड़ा लाभ, धन और सफलता मिलने के योग बन रहे हैं.

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मिथुन राशि
प्रभाव: आपकी राशि के धन और कुटुंब (दूसरे) भाव में गुरु विराजमान हैं.

फायदा: अचानक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं. फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है. पैतृक संपत्ति से फायदा होने की संभावना है. आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा.

कर्क राशि
प्रभाव: गुरु का गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में हो रहा है, जिससे हंस राजयोग बन रहा है.

फायदा: आपके आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और समाज में मान-सम्मान में जबरदस्त वृद्धि होगी. करियर में आ रही पुरानी बाधाएं दूर होंगी. तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे.

सिंह राशि
प्रभाव: सिंह राशि के लिए गुरु का 12वें भाव में उच्च होकर बैठना विपरीत राजयोग की स्थिति बनाता है.

फायदा: शुरुआती संघर्ष या चुनौतियों के बाद अचानक बड़ा आर्थिक लाभ होगा. विदेश से जुड़े व्यापार, नौकरी या निवेश में बड़ी सफलता मिलेगी. गुप्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी.

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कन्या राशि
प्रभाव: आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु का उच्च स्थिति में होना अत्यंत शुभ है.

फायदा: आय के नए-नए स्रोत बनेंगे. व्यापार में बड़ी डील फाइनल हो सकती है. लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी.

तुला राशि
प्रभाव: आपके दशम (कर्म) भाव में गुरु का यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आया है.

फायदा: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, वेतन वृद्धि या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में अटका हुआ काम पूरा होगा.

वृश्चिक राशि
प्रभाव: नवम (भाग्य) भाव में उच्च के गुरु का बैठना सोए हुए भाग्य को जगाने वाला माना जाता है.

फायदा: आपको हर काम में किस्मत का पूरा साथ मिलेगा. धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे और बिजनेस में बड़ा मुनाफा हासिल होगा.

गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव बढ़ाने के सरल उपाय

- प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले फूल व चने की दाल अर्पित करें.

- नियमित रूप से माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं.

- ऊं बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें.

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