Vakri Shani 2026: राहु-केतु से बेहाल ये 2 राशियां! 27 जुलाई से वक्री शनि करेंगे दोहरी मार

सिंह राशि में केतु बैठा हुआ है और इस राशि पर शनि की ढैय्या भी चल रही है. वहीं, कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है और इस राशि में राहु बैठा हुआ है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शनि की उल्टी चाल इन दोनों राशियों के जातकों पर कैसा प्रभाव डालेगी.

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शनि की उल्टी चाल 11 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी. (Photo: ITG) शनि की उल्टी चाल 11 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:28 PM IST

27 जुलाई 2026 को कर्मफलदाता शनि देव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. यानी इस दिन शनि की उल्टी चाल आरंभ हो जाएगी. शनि की उल्टी चाल 11 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी. इस समय शनि मीन राशि में स्थित हैं और मेष, कुंभ तथा मीन राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का प्रभाव बना हुआ है. जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या चल रही है. इनमें से दो राशियां ऐसी भी हैं जिन पर न सिर्फ शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, बल्कि उनमें राहु-केतु भी चौकड़ी मारकर बैठे हैं.

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सिंह राशि में केतु बैठा हुआ है और इस राशि पर शनि की ढैय्या भी चल रही है. वहीं, कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण चल रहा है और इस राशि में राहु बैठा हुआ है. आइए जानते हैं कि वक्री शनि इन दोनों ही राशियों को कैसे परिणाम देने वाले हैं.

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए 27 जुलाई के बाद नौकरी और कारोबार में आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं. आर्थिक मामलों में किसी भी बड़े फैसले से पहले अच्छी तरह विचार करना बेहतर रहेगा. परिवार के साथ सामंजस्य बनाए रखना जरूरी होगा. छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अनावश्यक तनाव स्थिति को और कठिन बना सकता है.

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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. वक्री शनि की अवधि में धन से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता रखने की आवश्यकता रहेगी. जल्दबाजी में किया गया निवेश या बड़ा आर्थिक निर्णय नुकसान का कारण बन सकता है. करियर के क्षेत्र में भी धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा. एकाग्रता में कमी कामकाज को प्रभावित कर सकती है. ऐसे समय में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना और वरिष्ठों की सलाह पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा. पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में भी संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा.

ये सावधानियां बरतें?
शनि के वक्री रहते हुए धैर्य, अनुशासन और सोच-समझकर निर्णय लें. आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें. रिश्तों में संयम रखें और कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें. ज्योतिष के अनुसार, सकारात्मक कर्म और संतुलित व्यवहार इस अवधि की चुनौतियों को काफी हद तक कम करने में मददगार माने जाते हैं.

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