Surya Ketu Yuti 2026: सिंह राशि में बना सूर्य-केतु का खतरनाक संयोग! 5 राशियां रहें सतर्क

Surya Ketu Yuti 2026: आत्मा के कारक सूर्यदेव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं और मघा नक्षत्र में विराजमान छाया ग्रह केतु के साथ मिलकर 'सूर्य-केतु युति' का निर्माण कर रहे हैं. ज्योतिषियों की मानें तो, इस युति से कई राशियों को नुकसान होगा.

Advertisement
सूर्य केतु की युति (Photo: ITG) सूर्य केतु की युति (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

Surya Ketu Yuti 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता और मान-सम्मान का कारक माना गया है, जबकि केतु एक छाया ग्रह हैं जिन्हें अलगाव, भ्रम और मानसिक तनाव से जोड़कर देखा जाता है. 17 अगस्त यानी दो दिन पहले सूर्यदेव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं और साथ ही केतु के स्वामित्व वाले मघा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं.

Advertisement

सिंह राशि में छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं. ऐसे में अपनी ही राशि और मघा नक्षत्र में सूर्य का केतु के साथ मिलना 'सूर्य-केतु युति' का निर्माण कर रहा है. इस स्थिति का प्रभाव कई राशियों के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, करियर और पैसों के फैसलों पर पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि सूर्य-केतु के इस प्रभाव के कारण किन राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है. 

मिथुन राशि (Gemini)
आपकी राशि से तीसरे भाव में यह स्थिति बनी हुई है. बनते हुए कामों में अचानक अड़चनें आ सकती हैं या मेहनत का पूरा फल मिलने में देरी हो सकती है. भाई-बहनों के साथ वाद-विवाद से बचें. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से बहस करने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें.

कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के जातकों के लिए यह संयोग दूसरे भाव (धन और वाणी) में बन रहा है. अनचाहे खर्चे बढ़ सकते हैं और कड़वी वाणी के कारण रिश्तों में खटास आ सकती है. किसी को उधार देने या जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह बचें. बात करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.

Advertisement

सिंह राशि (Leo)
सूर्य का गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में हुआ है, जहाँ केतु पहले से मौजूद हैं और नक्षत्र भी केतु का ही है. आपके स्वभाव में अचानक गुस्सा, चिड़चिड़ापन या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. अहंकार से बचें और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय या करियर से जुड़ा फैसला न लें. पिता और अधिकारियों के साथ संबंध बिगड़ने न दें.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के दसवें भाव (करियर और कर्म स्थान) में सूर्य और केतु का यह प्रभाव रहेगा. नौकरी या व्यवसाय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिगड़ सकता है या काम का अनचाहा दबाव बढ़ सकता है. नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने में जल्दबाजी न करें. वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें.

कुंभ राशि (Aquarius)
आपकी राशि के सातवें भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) में यह गोचर प्रभाव दिखाएगा. जीवनसाथी के साथ बेवजह की गलतफहमियां या मतभेद उभर सकते हैं. बिजनेस पार्टनरशिप में किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें. संयम और बातचीत से ही मसलों को हल करें.

अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय

सूर्य देव की आराधना 
प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें और ऊं सूर्याय नमः का जाप करें.

Advertisement

हनुमान जी की पूजा 
मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे केतु के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं.

दान-पुण्य 
रविवार के दिन गुड़, तांबा या लाल वस्त्र का दान करें. किसी जरूरतमंद को भोजन कराना भी शुभ रहेगा. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »