शुक्र ग्रह सितंबर की शुरुआत में राशि परिवर्तन करने वाले हैं. इस दिन शुक्र तुला राशि में गोचर करेंगे, जिसके स्वामी भी स्वयं शुक्र देव ही हैं. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख, वैभव, प्रेम, वैभव और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है. ज्योतिषविदों क कहना है कि यह गोचर चार राशियों की तकदीर चमका सकता है. करीब दो महीने तक शुक्र की चाल चार राशियों को करियर, कारोबार, आर्थिक और संबंधों के मोर्चे पर खूब लाभ देंगे. आइए इन लकी राशियों के बारे में जानते हैं.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी माने जाते हैं. गोचर के दौरान शुक्र आपके सातवें भाव में रहेंगे. इस स्थिति से कई सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है.कला और रचनात्मक कामों में निखार आ सकता है. खरीदारी के योग बन सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं. मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है और धन लाभ के अवसर भी बन सकते हैं. परीक्षा और प्रतियोगिता से जुड़े मामलों में मनचाहा परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी माने जाते हैं. तुला राशि में गोचर के दौरान शुक्र आपके पांचवें भाव में रहेंगे. इस अवधि में विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं. परिवार में खुशी और आपसी सामंजस्य बना रह सकता है. निवेश की कोई योजना सफल हो सकती है. धन लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं. रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े कामों में भी सफलता मिलने की संभावना है.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र तीसरे और दसवें भाव के स्वामी माने जाते हैं. गोचर के दौरान शुक्र तीसरे भाव में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह स्थिति अच्छे परिणाम दे सकती है. इस दौरान किसी परिचित या खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है. आपके प्रयासों को सफलता मिल सकती है. कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं. नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सातवें और बारहवें भाव के स्वामी माने जाते हैं. तुला राशि में गोचर के दौरान शुक्र बारहवें भाव में रहेंगे. इस अवधि में घर में किसी नए व्यक्ति का आगमन हो सकता है. उपहार मिलने के योग बन सकते हैं. यात्रा के अवसर भी सामने आ सकते हैं. कोर्ट-कचहरी से जुड़े किसी मामले में फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना बन सकती है. निजी जीवन में भी कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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