Raksha Bandhan 2026: सनातन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट स्नेह और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है. हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को यह त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती हैं, वहीं भाई भी जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं.
अक्सर कई बार सुबह की जल्दबाजी में लोग सुबह के समय राखी नहीं बांध पाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. शास्त्रों के अनुसार, सुबह का समय निकल जाने के बाद भी आप शाम के अति शुभ मुहूर्त में राखी बांधने का धार्मिक कार्य संपन्न कर सकते हैं. तो आइए पंडित अरुणेश कुमार शर्मा जी से राखी बांधने का शाम का मुहूर्त जानते हैं.
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए शाम का सबसे शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2026 Rakhi Evening Shubh Muhurat)
पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के मुताबिक, यदि आप सुबह के समय राखी बांधने से चूक गए हैं, तो शाम को मिलने वाला यह समय बेहद फलदायी और उत्तम है.
प्रदोष काल (शाम का सबसे उत्तम मुहूर्त): शाम 06 बजकर 45 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 55 मिनट तक
यदि आप शाम के समय राखी बांध रहे हैं, तो प्रदोष काल (संध्या समय) को सबसे उत्तम माना गया है. इस समय पूजा-पाठ करने और रक्षासूत्र बांधने से भाई-बहन दोनों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है.
राखी बांधते समय ध्यान रखें ये जरूरी नियम
- राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर हो सकता है.
- राखी बंधवाते समय भाई को अपना सिर खाली नहीं रखना चाहिए. सिर पर रुमाल, टोपी या साफा जरूर रखें.
- सबसे पहले भगवान गणेश और अपने ईष्ट देव को राखी अर्पित करें. इसके बाद भाई के माथे पर रोली, चंदन का तिलक लगाएं और उस पर अक्षत (अखंडित चावल) लगाएं.
- तिलक लगाने के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें, उसकी आरती उतारें और फिर मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं.
अगर आप सुबह के समय राखी नहीं बांध पाए हैं, तो शाम के इस बताए गए शुभ समय में पूरे विधि-विधान और प्रेम भाव के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाएं.
रक्षाबंधन उपाय (Raksha Bandhan Upay)
- आर्थिक तंगी दूर करने के लिए
रक्षाबंधन के दिन एक लाल गुलाबी कपड़े में एक अक्षत (अखंडित चावल), 1 रुपया का सिक्का, थोड़ा सा केसर और एक चुटकी रोली बांधकर पोटली बना लें और इस पोटली की पूजा करें. पूजा के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें. इससे घर में धन का ठहराव होता है और बेवजह के खर्चों पर लगाम लगती है.
- ग्रहों के दोष और मानसिक तनाव शांत करने का उपाय
श्रावण पूर्णिमा का दिन चंद्र देव का दिन माना जाता है. यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या मानसिक तनाव रहता है. तो इस दिन बहनें और भाई मिलकर किसी शिव मंदिर में जाएं. शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और बेलपत्र चढ़ाएं. साथ ही, गणेश जी को सबसे पहली राखी अर्पित करें. भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं, उन्हें प्रथम राखी बांधने से जीवन के तमाम संकट और ग्रह दोष अपने आप समाप्त हो जाते हैं.
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