Janmashtami 2026 Rashifal: इस बार जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा. भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव 'जन्माष्टमी' के पावन पर्व के ठीक अगले दिन, यानी 5 सितंबर को आकाश मंडल में एक अत्यंत दुर्लभ और धन-धान्य देने वाला 'महालक्ष्मी राजयोग' आकार लेने जा रहा है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी पर कान्हा के आगमन के तुरंत बाद बनने वाला यह योग धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से बेहद मंगलकारी माना जा रहा है. मिथुन राशि में ग्रहों के सेनापति मंगल देव पहले से ही विराजमान हैं, और 5 सितंबर को मन के कारक ग्रह चंद्रमा भी इसी राशि में प्रवेश कर जाएंगे. मंगल और चंद्रमा की इस अद्भुत युति (मिलन) से 'महालक्ष्मी राजयोग' का निर्माण होगा.
श्री कृष्ण जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर बन रहे इस राजयोग के प्रभाव से 4 विशेष राशियों पर धन की देवी मां लक्ष्मी और लड्डू गोपाल की असीम कृपा बरसने वाली है, जिससे इनके जीवन में सुख, समृद्धि और अपार धन-वैभव के योग बन रहे हैं. तो आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी से किन राशियों का अच्छा टाइम शुरू होगा.
मिथुन राशि (Gemini)
यह शुभ राजयोग आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में बनने जा रहा है. फलस्वरूप यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा. आपकी निर्णय क्षमता में अद्भुत सुधार आएगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह वापस मिल सकता है. नए व्यापारिक सौदे फाइनल होंगे जिससे जबरदस्त मुनाफा होगा.
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर एकादश यानी 'आय और लाभ' के भाव में होगा, जो आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शुभ माना जाता है. आय के एक से अधिक नए स्रोत बनेंगे. अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपको उम्मीद से अधिक रिटर्न दे सकता है. समाज में आपका कद और मान-सम्मान बढ़ेगा. परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है.
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि वालों के लिए यह महालक्ष्मी योग दशम भाव यानी 'कर्म और करियर' के स्थान पर बनने जा रहा है. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा. बॉस और उच्च अधिकारी आपके काम से बेहद प्रसन्न रहेंगे. जो लोग लंबे समय से मनचाही नौकरी की तलाश कर रहे हैं या ट्रांसफर चाह रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है. पैतृक संपत्ति से भी लाभ के योग हैं.
तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल-चंद्र की यह युति नवम भाव यानी 'भाग्य स्थान' में होने जा रही है. आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा. धर्म और अध्यात्म के प्रति झुकाव बढ़ेगा. विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों को कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है. छोटी या बड़ी लाभकारी यात्राओं के योग बन रहे हैं, जिससे भविष्य में बड़ा धन लाभ होगा.
महालक्ष्मी योग में जरूर करें ये सरल उपाय:
- 5 सितंबर की शाम को मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उन्हें मखाने की खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं.
- इस दिन कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करने से घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है.
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