Guru Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, समृद्धि, संतान, धार्मिक कार्य और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है. जब गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान होते हैं, तो उनकी शुभता और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरु की दृष्टियों में अमृत का वास माना गया है अर्थात गुरु जहां बैठते हैं उससे ज्यादा शुभ फल उनकी दृष्टियों से मिलता है. इस समय उच्च के देवगुरु अपनी तीन दिव्य दृष्टियों (5वीं, 7वीं और 9वीं) से 3 विशेष राशियों पर कृपा बरसा रहे हैं, जिससे इनके करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं उन 3 राशियों के बारे में.
वृश्चिक राशि (Scorpio)- 5वीं अमृत दृष्टि का प्रभाव
गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में बैठकर आपकी राशि के पंचम भाव पर 5वीं दिव्य दृष्टि डाल रहे हैं. विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को बड़ी सफलता मिल सकती है. नौकरीपेशा लोगों की निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा. बौद्धिक बल और सही रणनीतियों से धन लाभ के बेहतरीन योग बनेंगे. शेयर बाजार या क्रिएटिव क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है. संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, जिससे परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा.
मकर राशि (Capricorn)- 7वीं पूर्ण दृष्टि का प्रभाव
देवगुरु बृहस्पति की 7वीं समसप्तक दृष्टि मकर राशि के सप्तम भाव पर पड़ रही है, जो व्यापार और साझेदारी का स्थान है. नए व्यापारिक सौदे फाइनल होंगे. पार्टनरशिप में काम कर रहे लोगों को उम्मीद से अधिक लाभ मिलेगा. कार्यस्थल पर आपकी छवि मजबूत होगी. अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. वैवाहिक जीवन में आ रही दूरियां खत्म होंगी और आपसी तालमेल बेहतरीन रहेगा.
मीन राशि (Pisces)- 9वीं परम पावन दृष्टि का प्रभाव
मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं. गुरु की 9वीं दृष्टि आपकी राशि के नवम भाव (भाग्य स्थान) पर पड़ रही है, जो सोए हुए भाग्य को जगाने का काम करेगी. लंबे समय से अटके हुए सरकारी व कानूनी काम आसानी से बनने लगेंगे. हर क्षेत्र में सफलता की संभावना बढ़ जाएगी. मनचाही नौकरी का ट्रांसफर या विदेश से जुड़ा कोई बड़ा अवसर मिल सकता है. बिजनेसमैन नए प्रोजेक्ट्स में हाथ आजमा सकते हैं. धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे और बड़े गुरुओं का मार्गदर्शन प्राप्त होगा.
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