Garh Ganesh Temple 2026: बिना सूंड वाले गणपति का अनोखा मंदिर, 7 बुधवार दर्शन से हर मनोकामना पूरी

Garh Ganesh Temple 2026: सोशल मीडिया पर एक इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रही है. इस वीडियो में एक ऐसे मंदिर को लेकर दावा किया गया है जिसमें बिना सूंड वाले गणपति विराजमान होते हैं. श्री गढ़ गणेश नाम का यह मंदिर राजस्थान के जयपुर में नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित बताया गया है.

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अरावली की पहाड़ियों पर स्थित भगवान गणेश का यह प्रसिद्ध मंदिर न सिर्फ आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यहां का नजारा भी अद्भुत है. (Photo: Shree Garh Ganesh Temple) अरावली की पहाड़ियों पर स्थित भगवान गणेश का यह प्रसिद्ध मंदिर न सिर्फ आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यहां का नजारा भी अद्भुत है. (Photo: Shree Garh Ganesh Temple)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक रहेगा. ऐसी मान्यता है कि इन पवित्र दिनों में विघ्नहर्ता गणपति अपने भक्तों का उद्धार करने धरती पर उतरते हैं. इन पवित्र दिनों में देश के कोने-कोने में गणपति के पंडाल सजते हैं. मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना चलती है. गणपति जी को लड्डू, मोदक, दूर्वा और उनकी प्रिय चीजों का भोग लगता है. ऐसा कहा जाता है कि विशेष कामनाएं के लिए गणपति की अलग-अलग मुद्राओं वाली प्रतिमा का पूजन लाभकारी होता है. इसलिए कोई लेटे गणपति की पूजा करता है तो कोई खड़े हुए गणपति की. कोई दाईं तरफ सूंड वाले गणपति का पूजन करता है तो कोई बाईं ओर वाले गणपति की. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां बिना सूंड वाले गणपति की पूजा भी होती है.

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सोशल मीडिया पर एक इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रही है. इस वीडियो में एक ऐसे मंदिर को लेकर दावा किया गया है जिसमें बिना सूंड वाले गणपति विराजमान होते हैं. श्री गढ़ गणेश नाम का यह मंदिर राजस्थान के जयपुर में नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित बताया गया है. इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां के गणपति इतने सिद्ध है कि यदि कोई व्यक्ति मन में कामना लेकर 7 बुधवार लगातार इसके दर्शन कर ले तो निश्चित ही वो पूरी हो जाती है.

लोक मान्यता है कि इस मंदिर में लगातार सात बुधवार दर्शन होना लगभग असंभव होता है. ऐसा कर पाना लोगों के लिए बहुत कठिन हो जाता है. इस संकल्प के बीच व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई बाधा आ ही जाती है. यदि किसी व्यक्ति ने इन बाधाओं को पार कर पूरे सात बुधवार गणपति महाराज के दर्शन कर लिए तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

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अरावली की पहाड़ियों पर स्थित भगवान गणेश का यह प्रसिद्ध मंदिर न सिर्फ आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यहां का नजारा भी अत्यंत सुंदर है. पहाड़ की चोटी पर स्थित इस मंदिर के दर्शन करने के लिए भक्त सीढ़ीनुमा रास्ते से होते हुए गणपति की शरण में पहुंचते हैं. इस मंदिर में गणपति जी के दर्शन करने लोग न सिर्फ राजस्थान बल्कि, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों से भी पहुंचते हैं.

गढ़ गणेश मंदिर की कथा
श्री गढ़ गणेश मंदिर में बिना सूंड वाले गणपति के बारे में मंदिर के महंत प्रदीप औदिच्य: और उनके सुपुत्र युवाचार्य गौरव मेहता ने खुद इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि श्री गढ़ गणेश मंदिर में भगवान गणेश का वो स्वरूप मौजूद है, जो माता पार्वती ने स्वयं अपने तन के मैल (उबटन)  से बनाया था. गणेश पुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती जब स्नान के लिए गईं तो उन्होंने द्वार पर निगरानी के लिए अपने शरीर के मैल से मुख्य द्वार पर गणपति जी की प्रतिमा बनाई थी. इस प्रतिमा का स्वरूप ही आज गढ़ गणेश मंदिर में स्थापित है.

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