Dhanteras 2026: धनतेरस की खुशियों में जहर घोलेगा विष्कुंभ योग! खरीदारी के लिए बस इतनी देर रहेगा मुहूर्त

Dhanteras 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 6 नवंबर को धनतेरस पर विष्कुंभ योग सुबह 05.09 बजे आरंभ हो जाएगा और 7 नवंबर को सुबह 04.10 बजे समाप्त होगा. यानी धनतेरस पर पूरे दिन इस अशुभ योग का साया रहने वाला है.

Advertisement
6 नवंबर को धनतेरस पर विष्कुंभ योग सुबह 05.09 बजे आरंभ हो जाएगा. (Photo: ITG) 6 नवंबर को धनतेरस पर विष्कुंभ योग सुबह 05.09 बजे आरंभ हो जाएगा. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST

इस साल धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन हस्त नक्षत्र के साथ विष्कुंभ योग भी रहेगा. ज्योतिष में विष्कुंभ योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है. ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी और पूजा-पाठ को लेकर श्रद्धालु बड़े चिंतित हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 6 नवंबर को धनतेरस पर विष्कुंभ योग सुबह 05.09 बजे आरंभ हो जाएगा और 7 नवंबर को सुबह 04.10 बजे समाप्त होगा. यानी धनतेरस पर पूरे दिन इस अशुभ योग का साया रहने वाला है.

Advertisement

क्या होता है विष्कुंभ योग?
ज्योतिष में कुल 27 योग माने गए हैं. इनकी गणना सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर होती है. विष्कुंभ इन 27 योगों में पहला योग माना जाता है. इसका मतलब होता है जहर से भरा हुआ घड़ा. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बहुत ही अशुभ बताया गया है. कहते हैं कि इस योग के साए में किए गए कार्यों का प्रतिफल शुभ नहीं होता है. ऐसे में जानते हैं कि धनतेरस पर इस योग से बचते हुए किस मुहूर्त में खरीदारी की जा सकती है.

धनतेरस 2026 तिथि?
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगा. उदया तिथि और प्रदोष काल की परंपरा के अनुसार धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा.

Advertisement

विष्कुंभ के प्रभाव से कैसे बचें?
ज्योतिषविदों का कहना है कि प्रदोष काल में नहीं होता है. इसलिए इस शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और खरीदारी की जा सकती है. इसके अलावा, विष्कुंभ योग शुरू होने के बाद तीन घड़ी तक इसका प्रभाव अधिक रहता है. इसके बाद वो हल्का पड़ जाता है. चूंकि यह अशुभ योग 6 नवंबर को सुबह 05.09 बजे आरंभ हो रहा है. इसलिए आप सुबह 08.09 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और खरीदारी कर सकते हैं.

खरीदारी का शुभ मुहूर्त क्या है?

1. शुभ चौघड़िया मुहूर्त: सुबह 08 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक.

2. अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 48 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक.

3. प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 49 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »