धनतेरस को धन, समृद्धि और आरोग्य की कामना का पर्व माना जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है. इस साल धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा. दिन शुक्रवार माता लक्ष्मी को समर्पित है, इसलिए इस त्योहार का महत्व और बढ़ जाता है. दूसरा शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेंगे, जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण भी हो रहा है. साथ ही, इस बार धनतेरस पर खरीदारी के लिए तीन शुभ मुहूर्त भी बताए गए हैं.
शुक्रवारी धनतेरस का संयोग
इस बार धनतेरस का शुक्रवार को पड़ना एक दुर्लभ संयोग है. यह दिन मां लक्ष्मी का है और शास्त्रों में लक्ष्मी को धन, वैभव, सुख-सुविधा और समृद्धि की देवी कहा जाता है. यही वजह है कि शुक्रवार को उनकी पूजा और आराधना का विशेष महत्व बताया जाता है. इस दिन भक्त माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ, दीपदान और दान-पुण्य जैसे कार्य करते हैं. यदि इस बार धनतेरस पर मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाए तो बड़ा लाभ मिल सकता है.
मालव्य राजयोग
हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस पर शुक्र अपनी स्वराशि तुला में स्थित रहेंगे. ज्योतिष में शुक्र को सुख, सौंदर्य, वैभव, भौतिक सुविधाओं और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है. जब शुक्र अपनी स्वराशि तुला में होते हैं, तो मालव्य राजयोग का निर्माण माना जाता है. मालव्य राजयोग पंच महापुरुष योगों में से एक है. इस शुभ योग को सुख-सुविधाओं और भौतिक समृद्धि से जोड़ा जाता है. इसलिए धनतेरस पर इस शुभ योग का रहना बहुत उत्तम संकेत माना जा रहा है.
धनतेरस 2026 की पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त
इस दिन प्रदोष काल शाम 5:49 बजे से रात 8:23 बजे तक रहेगा. इस अवधि में भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जा सकती है. धनतेरस पर शाम के समय दीप जलाने और पूजा-अर्चना करने की भी परंपरा है.
धनतेरस पर पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त
1. चौघड़िया मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी का पहला शुभ समय सुबह 8:16 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा. इस अवधि में सोना, चांदी, बर्तन और घर की जरूरत का सामान खरीदा जा सकता है.
2. अभिजीत मुहूर्त
दूसरी अबूझ घड़ी अभिजीत मुहूर्त की रहेगी. यह मुहूर्त दिन में सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक बताया गया है. इस दौरान भी सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी की जा सकती है.
3. शाम की पूजा और खरीदारी का मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी का का तीसरा शुभ समय शाम को प्रदोष काल में रहेगा. प्रदोष काल शाम 05 बजकर 49 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इसमें आप पूजा और खरीदारी दोनों कर सकते हैं.
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