Ganesh Chaturthi 2026: 14 या 15 सितंबर, कब से शुरू होगा गणेश महोत्सव? नोट करें सही तिथि और पूजन का मुहूर्त

Ganesh Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का खास महत्व होता है. इस त्योहार को भक्त बड़ी ही धूम-धाम से मनाते हैं और बाप्पा को घर लेकर आते हैं. गणपति को अपने घर लाने के लिए देशभर में इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. 10 दिन के इस महोत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी के दिन से ही हो जाती है. यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है.

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गणेश चतुर्थी 2026 गणेश चतुर्थी 2026

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

Ganesh Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में गणेश महोत्सव का विशेष महत्व है. यह पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होता है और अनंत चतुर्दशी के दिन इसका समापन होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर से शुरू होगा और समापन 25 सितंबर 2026, शुक्रवार के दिन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा. धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों भगवान गणेश अपने भक्तों के बीच रहते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. भगवान गणेश की पूजा सार्वजनिक रूप से पंडालों में भी की जाती है और लोग अपने घरों में भी गणपति की स्थापना करते हैं. 

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गणेश चतुर्थी तिथि (Ganesh Chaturthi 2026 Tithi)

द्रिक पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा. 

वहीं, गणेश जी का विसर्जन 25 सितंबर, शुक्रवार के दिन होगा. 

गणेश चतुर्थी पूजन मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2026 Pujan Muhurat)

पंचांग के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के पूजन का मुहूर्त सुबह 11 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट पर होगा.

गणेश चतुर्थी 2026 शुभ योग (Ganesh Chaturthi 2026 Shubh Yog)

पंडितों की मानें तो, इस बार गणेश चतुर्थी बहुत ही शुभ मानी जा रही है. क्योंकि इस दिन रवि योग का संयोग बन रहा है. इसके अलावा, गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी के बीच 10 दिनों में कईं विशेष ग्रह योग निर्माण कर रहे हैं. जिसमें गुरु इस समय कर्क राशि में उच्च के हैं, शनि मीन राशि में वक्री स्थिति में बैठे हुए हैं.

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गणेश चतुर्थी पूजन विधि (Ganesh Chaturthi Pujan Vidhi)

गणेश महोत्सव के दौरान अगर आपने घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की है तो सुबह और शाम दोनों समय उनकी पूजा करनी चाहिए. दोनों समय दीपक जलाकर भगवान गणेश की आरती करें. पूजा में भगवान गणेश को पीले फूल और दूर्वा जरूर अर्पित करें. इसके साथ भोग लगाएं और फिर आरती करें.

गणेश महोत्सव के दौरान सात्विकता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. खान-पान भी सात्विक रखना शुभ माना जाता है. जिन लोगों ने घर में गणपति की स्थापना की है, उन्हें इन दिनों प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. भोजन तैयार करने के बाद पहले भगवान गणेश को भोग लगाएं और फिर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें. अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है. इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास रखकर भगवान गणेश की पूजा करने और विसर्जन में शामिल होने की परंपरा है.

भगवान गणेश को क्या अर्पित करें?

भगवान गणेश की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में दूर्वा और मोदक माने जाते हैं. मोदक उपलब्ध न हो तो लड्डू भी अर्पित किए जा सकते हैं. इसके अलावा भगवान गणेश को पीले वस्त्र और सिंदूर अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. यहां एक मान्यता यह भी है कि महिलाएं भगवान गणेश को सिंदूर अर्पित न करें और केवल फूल व पीले वस्त्र अर्पित करें, जबकि पुरुष सिंदूर अर्पित कर सकते हैं.

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भगवान गणेश को पीले फूलों की माला भी चढ़ाई जा सकती है. विशेष मनोकामना के लिए फलों की माला अर्पित करने की परंपरा भी बताई जाती है. अगर आपने घर में गणपति की स्थापना की है तो पूरे गणेश महोत्सव के दौरान घी का अखंड दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. सुबह और शाम कपूर या दीपक से भगवान गणेश की आरती जरूर करें.

गणेश चतुर्थी उपाय (Ganesh Chaturthi Upay)

- मनचाहे विवाह के लिए गणेश जी का उपाय

गणेश महोत्सव के दौरान विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार करें. उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल और मोदक या लड्डू अर्पित करें. इसके बाद ऊं विघ्नहराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. पूजा के बाद भगवान गणेश से शीघ्र विवाह और मनचाहा जीवनसाथी मिलने की प्रार्थना करें. पूजा में अर्पित पीले वस्त्र को उतारकर सुरक्षित रख लें. यह उपाय गणेश महोत्सव के दौरान किसी भी दिन सुबह किया जा सकता है.

- संतान प्राप्ति के लिए उपाय

अगर किसी दंपति को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है तो गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को फलों की माला अर्पित करने की परंपरा बताई जाती है. इसके लिए केले, सेब, अंगूर और नाशपाती जैसे फलों को पीले धागे में बांधकर माला बनाएं और भगवान गणेश को अर्पित करें. इसके बाद संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करें. पति-पत्नी साथ मिलकर 'ॐ उमापुत्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें और संतान प्राप्ति के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना करें.

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पूजा के बाद भगवान गणेश को अर्पित किए गए फलों को प्रसाद के रूप में बच्चों में बांट दें. इस उपाय को गणेश महोत्सव के दौरान लगातार तीन दिनों तक करने की परंपरा बताई जाती है.

- मकान या संपत्ति प्राप्ति के लिए उपाय

अगर आप मकान खरीदना चाहते हैं, नया घर बनाना चाहते हैं या संपत्ति से जुड़ी कोई इच्छा पूरी करना चाहते हैं तो गणेश महोत्सव के दौरान भगवान गणेश को लाल फूलों की माला अर्पित करें. इसके लिए गुड़हल या गुलाब के फूलों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके साथ लाल फल, लाल वस्त्र और तांबे का एक सिक्का भगवान गणेश को अर्पित करें. इसके बाद ऊं सर्वसौख्यप्रदाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान गणेश से संपत्ति प्राप्ति की प्रार्थना करें.

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