साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा खुलासा... आखिरी इंस्टा पोस्ट करने वाले शख्स ने खोले कई राज

जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा मामले में 'आजतक' ने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले भोमाराम से एक्सक्लूसिव बातचीत की. भोमाराम ने बताया कि 28 जनवरी की रात प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचने तक बाईसा का निधन हो चुका था. वीरमनाथ के कहने पर उन्होंने न्याय की मांग को लेकर इंस्टाग्राम पोस्ट की थी.

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भोमाराम का एक्सक्लूसिव बयान. (Photo: Ashok Kumar Sharma/ITG) भोमाराम का एक्सक्लूसिव बयान. (Photo: Ashok Kumar Sharma/ITG)

अशोक शर्मा

  • जोधपुर,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST

राजस्थान के जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा मामले में आजतक ने भोमाराम से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. भोमाराम वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर आखिरी पोस्ट की थी. इस पोस्ट के बाद ही मामले ने तूल पकड़ा और बड़ी संख्या में संत-महात्मा और भक्त एकत्र होने लगे थे.

आजतक से बातचीत में साध्वी प्रेम बाईसा के करीबी भोमाराम ने पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया. उन्होंने बताया कि 28 जनवरी की शाम 6 बजकर 52 मिनट पर उन्हें वीरमनाथ का फोन आया, जिसमें कहा गया कि बाईसा की तबीयत खराब है और तुरंत आने को कहा गया.

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अस्पताल पहुंचने तक हो चुका था निधन

भोमाराम ने बताया कि वह शाम 7 बजकर 31 मिनट पर प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक साध्वी प्रेम बाईसा का देहांत हो चुका था. उन्होंने कहा कि बाईसा अस्पताल के बेड पर लेटी हुई थीं और उनके शरीर पर कपड़ा लपेटा हुआ था. इसके बाद उन्होंने तुरंत गुरुजी को फोन किया.

भोमाराम के मुताबिक, रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर सभी लोग प्रेक्षा हॉस्पिटल से निकल गए. रास्ते में वीरमनाथ ने हनुमान बेनीवाल और कैलाश चौधरी को फोन किया. इसके अलावा 2-3 अन्य संतों को भी घटना की जानकारी दी गई.

इंस्टाग्राम पोस्ट और बढ़ती भीड़

भोमाराम ने बताया कि सभी लोग आरती नगर के मोड़ पर रुके और फिर आरती नगर आश्रम पहुंचे. वीरमनाथ के कहने पर उन्होंने साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से रात 9 बजकर 38 मिनट पर न्याय की मांग को लेकर पोस्ट डाली. इस पोस्ट के बाद भक्तों का आना शुरू हो गया और धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती चली गई.

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उन्होंने बताया कि पोस्ट के बाद माहौल गरमा गया. इसी दौरान वीरमनाथ ने कहा कि पोस्टमार्टम कराया जाएगा, लेकिन संत-महात्माओं के आने के बाद. इसी बीच 2-3 युवकों ने उपद्रव किया और न्याय के नारे लगाए गए, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.

वीरमनाथ के कहने पर की गई पोस्ट

भोमाराम ने कहा कि इंस्टाग्राम पर जो भी लिखा गया, वह वीरमनाथ के बताए अनुसार ही पोस्ट किया गया था. पोस्ट में कहा गया था कि बाईसा ने 25 साल तक ब्रह्मचर्य का जीवन जिया, लेकिन लोगों ने उन्हें कलंकित किया. भोमाराम के अनुसार, वीरमनाथ ने बताया था कि इसी कारण बाईसा ने शंकराचार्य को पत्र भी लिखा था.

उन्होंने बताया कि SIT ने उन्हें एक बार बयान देने के लिए बुलाया है. भोमाराम ने कहा कि वह जन्म से ही साध्वी प्रेम बाईसा से जुड़े हुए थे और उनके बेहद करीब थे.

न्याय की मांग पर कायम भोमाराम

भोमाराम ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा को खांसी-जुकाम होने पर सांस लेने में तकलीफ होती थी, तब वह भाप लेती थीं. उन्होंने कहा कि अब बाईसा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्हें न्याय मिलना चाहिए.

भोमाराम ने साफ कहा कि वह आज भी न्याय की मांग पर कायम हैं और जो कुछ भी उन्होंने किया, वह वीरमनाथ के कहने पर और बाईसा को न्याय दिलाने के लिए किया गया.

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