राजस्थान: सरस्वती विद्या मंदिर में तीसरी में पढ़ता था दलित छात्र, टीचर की पिटाई ने ली जान, जानें उस दिन स्कूल में क्या हुआ?

राजस्थान के जालोर जिले में घड़े से पानी पीने की वजह से शिक्षक ने एक दलित बच्चे की बेरहमी से पिटाई की. इस घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं जालोर में तनाव को देखते हुए इंटरनेट भी सस्पेंड किया गया है.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 14 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST

राजस्थान के जालोर जिले में 9 साल के दलित बच्चे के घड़ा से पानी पीने से नाराज टीचर ने इतना पीटा कि उसके कान की नस फट गई. अहमदाबाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मारपीट करने वाले शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. राजस्थान सरकार ने मृतक बच्चे के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही इलाके में तनाव बढ़ने के बाद जालोर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. 

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यह घटना 20 जुलाई की है, जब राजस्थान में गर्मी की तपिश अपने चरम पर थी और लोगों को प्यास बुझाने के लिए ठंडा पानी मिलना बहुत मुश्किल होता है. ऐसे में एक घटना राजस्थान के जालोर जिले से सामने आई है. यहां रोज की तरह एक 9 साल का दलित बच्चा स्कूल में पढ़ने के लिए गया था. उसका गुनाह सिर्फ इतना था कि उसे जब प्यास लगी तो उसने घड़े से पानी पी लिया. बताया जा रहा है कि वह घड़ा शिक्षक ने अपने लिए अलग से रखवाया था. निजी घड़े से दलित बच्चे के पानी पीने से नाराज टीचर ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. उसे तब तक पीटा जब तक कि उसके कान की नस नहीं फट गई और आंख में चोट नहीं आ गई.

तीसरी कक्षा का छात्र था मृतक 

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जालोर के सायला उपखंड क्षेत्र के सुराणा गांव के सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ने वाला बच्चा इंद्र कुमार तीसरा कक्षा का छात्र था. शिक्षक की मारपीट के बाद बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. इस घटना को लेकर बच्चे के चाचा किशोर कुमार ने सायला पुलिस थाने में मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व मारपीट के बाद छात्र की हत्या का मामला दर्ज कराया है. 

उदयपुर से अहमदाबाद किया था रेफर 

जब बच्चे ने इस घटना की जानकारी पिता को दी तो उसने चुराना के मेडिकल स्टोर से दवाई लाकर दे दी, लेकिन जब दर्द ज्यादा हो गया तो उसे इलाज के लिए उदयपुर के बागोड़ा भीनमाल मेहसाणा अस्पताल लेकर गया. यहां से रेफर किए जाने के बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल इलाज के लिए लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान 13 अगस्त को ही उसकी मौत हो गई. बच्चे के पिता देवाराम मेघवाल ने बताया कि मेरा बच्चा सरस्वती स्कूल सुराणा में पढ़ता था. उसने पानी पीने के लिए मटके को छुआ तो मास्टर छैलसिंह ने पीटा, जिससे उसके कान की नस फट गई. अहमदाबाद के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 

SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज 

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जालोर के एसपी हर्षवर्द्धन अग्रवाल ने कहा कि बच्चे को बुरी तरह से पीटा गया था. हालांकि घड़े से पानी छूने के लिए उसे पीटा, ये जांच का विषय है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने अध्यापक छैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. 

घटना पर सीएम गहलोत का ट्वीट 

इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा, 'जालोर के सायला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा मारपीट के कारण छात्र की मृत्यु दुखद है. आरोपी शिक्षक के विरुद्ध हत्या व SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जा चुकी है. मामले की तेजी से जांच और दोषी को जल्द सजा के लिए इसे केस ऑफिसर स्कीम में लिया गया है. पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा.' 

जिग्नेश मेवाणी ने किया ट्वीट 

वहीं इस घटना पर गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी ट्वीट करते हुए पूछा कि यह किसी को कैसे विश्वास दिलाता है कि जन्म से श्रेष्ठ हैं और दूसरे उनसे हीन हैं? मेवाणी ने लिखा, 'राजस्थान के जालोर जिले में 9 साल के एक दलित बच्चे की स्कूल में पिटाई से मौत हो जाने की खबर भयावह है. उसका अपराध इतना है कि उसने "उच्च जाति" के लिए रखे बर्तन से पानी पी लिया. क्या किसी को यह विश्वास दिलाता है कि वे जन्म से श्रेष्ठ हैं और दूसरे उनसे हीन हैं?' 

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(जयकिशन के इनपुट के साथ)

 

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