मां और दो बच्चों की एक साथ उठी अर्थी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार... जालोर हादसे ने छीनी पूरे परिवार की खुशियां

राजस्थान के जालोर में रामसीन-भीनमाल स्टेट हाईवे पर रोडवेज बस और टेंपो की टक्कर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. आठ महीने पहले पिता को खो चुके परिवार ने अब मां और तीन बच्चों को भी गंवा दिया. हादसे के बाद 10 साल की जानवी अकेली बची है. पुलिस ने दोनों वाहन जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

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आठ महीने पहले पिता की मौत.(Photo: Naresh Kumar/ITG) आठ महीने पहले पिता की मौत.(Photo: Naresh Kumar/ITG)

नरेश सरनाऊ (बिश्नोई)

  • जालोर,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

राजस्थान के जालोर जिले में एक सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया. रामसीन-भीनमाल स्टेट हाईवे पर रोडवेज बस और टेंपो की आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. पहले मां और उसके दो बच्चों ने मौके पर दम तोड़ दिया था, जबकि जिंदगी की जंग लड़ रहे 8 वर्षीय राजू की भी उपचार के दौरान मौत हो गई. इस त्रासदी के बाद परिवार में अब सिर्फ 10 साल की बेटी जानवी बची है.

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हादसा 22 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे भरुड़ी चौराहे के पास हुआ. मुथला कांबा निवासी ललिता देवी अपने बच्चों और भाई पुरुषोत्तम के साथ रामसीन में मंदिर के दर्शन करने गई थीं. दर्शन के बाद परिवार टेंपो में सवार होकर गांव लौट रहा था. इसी दौरान भीनमाल से उदयपुर की ओर जा रही राजस्थान रोडवेज की बस से टेंपो की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

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इस दुर्घटना में ललिता देवी (42), उनके बेटे कैलाश (19) और बेटी सुमन कुमारी (17) की मौके पर ही मौत हो गई. सबसे छोटा बेटा राजू (8) गंभीर रूप से घायल हो गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया. परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मासूम की जान बच जाएगी, लेकिन 23 अक्टूबर को उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई.

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आठ महीने पहले पिता की मौत, अब मां और तीन बच्चों को खोया

इस परिवार की त्रासदी हादसे से कई महीने पहले ही शुरू हो गई थी. करीब आठ महीने पहले परिवार के मुखिया रमेश कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. उनके जाने के बाद बड़े बेटे कैलाश ने घर की जिम्मेदारी संभाली. वह किराए पर टैक्सी चलाकर परिवार का सहारा बन रहा था, जबकि मां ललिता देवी आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थीं.

पिता की मौत के बाद मां और बच्चे किसी तरह जिंदगी को आगे बढ़ा रहे थे. कैलाश मेहनत करके परिवार की जरूरतें पूरी करने में जुटा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि एक सड़क हादसा मां और तीन बच्चों को हमेशा के लिए परिवार से छीन लेगा. अब घर में न मां का सहारा रहा और न ही उन भाई-बहनों की मौजूदगी, जिनके साथ 10 साल की जानवी बड़ी हो रही थी.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जानवी अब अपने मामा-मामी के पास है. एक तरफ परिवार पहले ही पिता को खोने का दुख झेल चुका था, दूसरी तरफ इस हादसे ने उसकी दुनिया पूरी तरह बदल दी. मां और तीन भाई-बहनों की मौत के बाद जानवी परिवार की इकलौती बची संतान है.

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नवरात्र में खरीदा था नया टेंपो, बेहतर भविष्य का था सपना

परिवार से जुड़ी एक और भावुक जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि ललिता देवी ने नवरात्र के दौरान ही अपने बेटे कैलाश के लिए नया टेंपो खरीदा था. परिवार को उम्मीद थी कि इस वाहन से रोजगार बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. टेंपो के जरिए घर की जरूरतें पूरी करने और भविष्य संवारने के सपने देखे जा रहे थे.

लेकिन जिस टेंपो से परिवार को बेहतर जिंदगी की उम्मीद थी, वही मंदिर दर्शन से लौटते समय हादसे का शिकार हो गया. परिवार के लिए यह सिर्फ एक वाहन का दुर्घटनाग्रस्त होना नहीं, बल्कि उन उम्मीदों का टूटना भी था, जिन्हें पूरा करने के लिए मां और बेटा मेहनत कर रहे थे.

एक चिता पर मां और दो बच्चों का अंतिम संस्कार

हादसे के बाद गुरुवार रात करीब नौ बजे आहोर उपखंड के चूंडा गांव में ललिता देवी, कैलाश और सुमन कुमारी का अंतिम संस्कार किया गया. तीनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ. मां और दो बच्चों की एक साथ अंतिम विदाई देखकर गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं. एक ही परिवार के तीन सदस्यों को एक साथ खोने का दुख पूरे गांव में महसूस किया गया.

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अगले दिन छोटे बेटे राजू की मौत की खबर ने परिवार और ग्रामीणों को फिर से गहरे सदमे में डाल दिया. जिस परिवार ने कुछ महीने पहले रमेश कुमार को खोया था, अब उसके चार और सदस्य दुनिया से चले गए. इस हादसे ने परिवार को ऐसी चोट दी है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती.

पुलिस ने बस और टेंपो जब्त किए

रामसीन थानाधिकारी अरविंद कुमार के मुताबिक, हादसे के समय टेंपो में पांच लोग सवार थे. वाहन ललिता देवी के भाई पुरुषोत्तम चला रहे थे. दुर्घटना के दौरान उन्होंने टेंपो से कूदकर अपनी जान बचाई. हादसे के बाद पुलिस ने मौके की जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू की.

पुलिस ने दुर्घटना में शामिल रोडवेज बस और टेंपो दोनों को जब्त कर लिया है. बस चालक से भी पूछताछ की गई है. फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है.

एक हादसा, चार मौतें और पीछे छूट गई 10 साल की मासूम जानवी. आठ महीने पहले पिता का साया उठा और अब मां के साथ तीनों भाई-बहन भी दुनिया छोड़ गए. जालोर का यह हादसा एक परिवार की कभी न भर पाने वाली त्रासदी बन गया है.

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