राजस्थान के टोंक जिले में प्रेम संबंध से जुड़े हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला आया है. यहां 25 साल की सुमन की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. सजा पाने वालों में एक महिला, उसके दो बेटे और बेटी शामिल हैं.
दरअसल, सुमन (मृतक) का आरोपी प्रधान के साथ प्रेम संबंध था. दोनों जयपुर में रहते थे. वे मूल रूप से टोंक जिले के रहने वाले थे.
सुमन और प्रधान अलग-अलग जातियों से थे. सुमन प्रधान से शादी करना चाहती थी. वह लगातार उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी. वहीं प्रधान शादी की बात को टाल रहा था. इसके बाद प्रधान ने अपनी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला के साथ मिलकर सुमन की हत्या की साजिश रची.
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श्राद्ध के बहाने गांव बुलाया, जहर पिलाया
दरअसल, मामला 2022 का है. अभियोजन पक्ष का कहना है कि प्रधान ने सुमन को श्राद्ध कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाया. यहां उसे जहरीला रसायन पिला दिया गया. इसके बाद उसकी मौत हो गई. घटना के तीन दिन बाद प्रधान ने सुमन के भाई को फोन किया. उसने उसे अजमेर बुलाया. उस समय तक सुमन की मौत हो चुकी थी. परिवार को बताया गया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है. इसके बाद सितंबर 2022 में सुमन का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
हालांकि, मामला तब सामने आया, जब सुमन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. रिपोर्ट में पता चला कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं हुई थी. उसकी मौत जहरीला रसायन खाने से हुई थी. इसके बाद प्रधान पर शक गहराया. जांच में पता चला कि प्रधान ने सुमन के ATM कार्ड का इस्तेमाल किया था. उसने उसके बैंक खाते से करीब 80 हजार रुपये निकाले थे. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की.
सुमन के भाई की शिकायत पर मई 2023 में केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि सुमन की हत्या शादी के लिए दबाव बनाने के कारण की गई थी.
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कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
टोंक की विशेष SC/ST ने संजना, उसके दोनों बेटों प्रधान और सवाई राम और बेटी सुशीला को उम्रकैद की सजा सुनाई है. चारों पर कुल 1.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
विशेष न्यायाधीश आरती माहेश्वरी ने 27 गवाहों के बयान और 37 दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया. फैसले में जज ने अपनी लिखी 10 पंक्तियों की कविता भी शामिल की. इसमें हत्या, भरोसे के टूटने और रिश्ते में जातिगत अंतर का जिक्र किया गया है.
इस मामले में संजना और उसके बेटे सवाई राम पर उसके पति जगदीश की हत्या का आरोप भी लगा था. दोनों जयपुर जेल में न्यायिक हिरासत में थे. सुमन हत्याकांड की सुनवाई के लिए उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर टोंक लाया गया था.
मनोज तिवारी